रांची: जेपीएससी की ओर से 11वीं से 13वीं राज्य सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के परिणाम में 10 महीने से जारी देरी को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी चरम पर पहुंच गई है। बुधवार को मुख्य परीक्षा में शामिल सैकड़ों अभ्यर्थियों ने आयोग कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी इस बार आयोग से स्पष्ट तिथि की मांग पर अड़े रहे और कहा कि अब सिर्फ आश्वासन से काम नहीं चलेगा। देर शाम तक प्रदर्शनकारी आयोग कार्यालय के बाहर डटे रहे और रात में भी धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया।
धरना का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में आयोग के अध्यक्ष एल. ख्यांगते ने भरोसा दिलाया कि परिणाम शीघ्र जारी कर दिया जाएगा, लेकिन डेट बताने से उन्होंने परहेज किया। इससे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा और भड़क उठा। अभ्यर्थियों का कहना है कि फर्स्ट और सेकंड जेपीएससी समेत कई परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं, ऐसे में इस विलंब से गड़बड़ी की आशंका और गहरा रही है।
गौरतलब है कि 11वीं से 13वीं राज्य सिविल सेवा के तहत कुल 342 पदों पर नियुक्ति होनी है। मुख्य परीक्षा बीते वर्ष 22 से 24 जून तक रांची के विभिन्न केंद्रों में आयोजित की गई थी। आयोग की ओर से पहले ही नोटिफिकेशन में कहा गया था कि परीक्षा परिणाम अगस्त 2024 के दूसरे सप्ताह तक जारी कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक इसका कोई अता-पता नहीं है। इससे हजारों युवाओं में गहरी निराशा फैल चुकी है।
इससे पूर्व भी अभ्यर्थियों ने कई बार धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन और आंदोलन कर अपना विरोध दर्ज कराया था, लेकिन आयोग के रवैये में अब तक कोई बदलाव नहीं दिखा। अभ्यर्थियों ने बताया कि आयोग को नया अध्यक्ष मिलने के बाद रिजल्ट में तेजी आने की उम्मीद थी, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
11वीं से 13वीं सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट पिछले वर्ष 22 अप्रैल को ही तय समय पर जारी कर दिया गया था, जिसमें 7011 अभ्यर्थी क्वालिफाई हुए थे। ऐसे में मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में हो रही देरी ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच असमंजस और गहरा कर दिया है।


















