रांची: झारखंड की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। बोकारो से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक श्वेता सिंह के खिलाफ दो पैन कार्ड और तीन वोटर आईडी रखने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है और विपक्षी दल सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
झारखंड लोकतांत्रिक किसान मंच (JKKM) के डुमरी से विधायक जयराम मेहतो ने इस मामले को बेहद गंभीर करार देते हुए श्वेता सिंह की मंशा पर ही सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अगर किसी व्यक्ति के पास दो पैन कार्ड हैं, तो यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई गड़बड़ी मानी जाएगी। यह सीधे तौर पर चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन है और आयोग को इस पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।”
जयराम मेहतो ने यह भी जोड़ा कि अगर विवाह के बाद कोई महिला ससुराल चली जाती है और मायके की वोटर लिस्ट से उसका नाम नहीं हटता, तो वह एक समझने योग्य स्थिति हो सकती है। लेकिन “जब किसी के पास एक साथ तीन वोटर आईडी हों और वो भी अलग-अलग पते पर हों, तो यह गड़बड़ी नहीं, बल्कि नीयत पर सवाल खड़े करता है।”
इस नए विवाद ने सत्तारूढ़ भाजपा को असहज स्थिति में ला दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि चुनाव आयोग इस पूरे मामले में क्या रुख अपनाता है और आगे क्या कार्रवाई होती है। विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि अगर जल्द कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया, तो वह इसे सदन से सड़क तक मुद्दा बनाएंगे।


















