रांची : राज्य की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना के तहत लाभुकों को हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता में इस बार भी देरी हो रही है। अप्रैल माह की राशि अभी तक केवल 14 जिलों के लाभुकों को ही मिली है, जबकि 10 जिलों — चतरा, खूंटी, गुमला, रांची, पूर्वी सिंहभूम, दुमका, देवघर, धनबाद, हजारीबाग और बोकारो — में लाखों लाभुक अब भी 2500 रुपये की किस्त का इंतजार कर रहे हैं।
अब तक केवल 47 लाख लाभुकों को अप्रैल की राशि मिली है, जबकि शेष करीब 5 लाख लाभुकों के खातों में इस सप्ताह राशि भेजे जाने की तैयारी चल रही है। योजना के तहत हर माह की 15 तारीख तक भुगतान की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन लगातार देरी से लाभुकों में नाराजगी बढ़ रही है।
भौतिक सत्यापन और प्रशासनिक खाली पद बन रहे बाधा
समय पर भुगतान न होने की एक प्रमुख वजह कई प्रखंडों में लाभुकों का भौतिक सत्यापन अब तक पूरा न होना है। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय में निदेशक का पद रिक्त होने से भी प्रक्रिया में रुकावट आई है। पूर्व निदेशक समीरा एस. के ट्रांसफर के बाद अब तक नए निदेशक की नियुक्ति नहीं हो पाई है, जबकि योजना के तहत जिला भुगतान की स्वीकृति निदेशक स्तर से ही दी जाती है।
बजट अलॉट होने के बावजूद असमंजस में मई-जून की किस्त
योजना के लिए समाज कल्याण निदेशालय की ओर से आठ महीने का बजट पहले ही अलॉट कर दिया गया है। इसके बावजूद मई और जून की किस्त को लेकर अब तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे लाभुकों की चिंता और बढ़ गई है।
राज्य भर में 50 लाख से अधिक महिलाओं को मिलने वाली इस सहायता राशि पर हो रही देरी ने योजना की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


















