प्रभावी शासन के लिए प्रशासनिक आंकड़ों का समन्वित उपयोग आवश्यक – डॉ. एन विजयलक्ष्मी

पटना : बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग द्वारा राज्य में साक्ष्य आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘Using Administrative Data for Governance: Linking Departmental Data at State Level’ विषय पर एक दिवसीय परामर्शात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया।

डेटा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ और जिला व प्रखंड स्तर पर डेटा संकलन, विश्लेषण एवं निगरानी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया

कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आईटी प्रबंधक, डेटा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ और जिला एवं प्रखंड स्तर पर डेटा संकलन, विश्लेषण एवं निगरानी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रशासनिक आंकड़ों के मानकीकरण, विभिन्न विभागों के बीच डेटा साझाकरण की व्यवस्था तथा डेटा के बेहतर उपयोग के माध्यम से नीति निर्माण और योजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।

प्रभावी शासन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है – अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी

इस अवसर पर योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभावी शासन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में बड़ी मात्रा में प्रशासनिक आंकड़े उपलब्ध हैं, जिनका समन्वित और व्यवस्थित उपयोग कर विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकता है तथा नीति निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण नीति निर्माण के साथ-साथ योजनाओं के मूल्यांकन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है

उन्होंने आगे कहा कि प्रशासनिक आंकड़ों का वैज्ञानिक विश्लेषण नीति निर्माण के साथ-साथ योजनाओं के मूल्यांकन के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। डेटा आधारित विश्लेषण से योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में सहायता मिलती है। कार्यशाला में सचिव, योजना एवं विकास विभाग कंवल तनुज, निदेशक, निदेशालय अर्थ एवं सांख्यिकी रंजीत कुमार, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, पटना, रौशन लाल साहू, निदेशक, डेवलपमेंट इन्फॉर्मेटिक्स एंड इनोवेशन डिवीजन, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, नई दिल्ली, महेश चंद्र शुक्ला, निदेशक, नेशनल इंटेलिजेंट ग्रिड, नई दिल्ली, राम नारायण यादव और निदेशक, मूल्यांकन निदेशालय, रविश किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित थे।

कार्यशाला में प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली चर्चा में भी साझा किया जाएगा

यह कार्यशाला भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2026 में आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन ‘Data for Development’ की तैयारियों के क्रम में आयोजित की गई। कार्यशाला में प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली चर्चा में भी साझा किया जाएगा। योजना एवं विकास विभाग का मानना है कि विभिन्न विभागों के प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर समन्वय और उपयोग से राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को नई गति मिलेगी व योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यांकन को मजबूती मिलेगी, जिससे ‘विकसित बिहार @2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

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