पटना : राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि विभाग द्वारा जारी मासिक रैंकिंग केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता का आईना है। यदि जिला, एडीएम, डीसीएलआर और अंचल स्तर पर अधिकारी टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित कर लें तो राजस्व सेवाओं में स्वतः व्यापक सुधार दिखाई देगा और आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सकेगा।
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के सातवें दिन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर, बक्सर एवं बांका जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के सातवें दिन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुजफ्फरपुर, बक्सर एवं बांका जिलों के राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में जिलों की रैंकिंग, लंबित मामलों की स्थिति तथा जनसेवा से जुड़े कार्यों की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि अप्रैल माह की रैंकिंग में मुजफ्फरपुर जिला 13वें स्थान पर है, जबकि जिले के एडीएम की रैंक 17 है। मुजफ्फरपुर के डीसीएलआर की रैंकिंग भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। जिले के 16 अंचलों में केवल सात अंचल ही टॉप-100 में शामिल हैं, जबकि नौ अंचलों की रैंकिंग 111 से 456 के बीच है। उन्होंने अधिकारियों को प्रदर्शन में सुधार लाकर जिले को शीर्ष श्रेणी में पहुंचाने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा- बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों की कार्यशैली को अन्य अंचलों में भी अपनाया जाना चाहिए
बक्सर जिले की समीक्षा में सामने आया कि जिले की रैंकिंग 15वीं है तथा एडीएम की रैंक 16वीं है। बक्सर डीसीएलआर 30वें और डुमरांव डीसीएलआर 58वें स्थान पर हैं। जिले के 11 अंचलों में छह अंचल टॉप-100 में शामिल हैं, जबकि शेष पांच अंचलों की रैंकिंग 154 से 436 के बीच है। मंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले अंचलों की कार्यशैली को अन्य अंचलों में भी अपनाया जाना चाहिए। वहीं बांका जिला राज्य में तीसरे स्थान पर है, जिसे मंत्री ने सराहनीय बताया।

डॉ. जायसवाल ने 3 जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा- प्रत्येक श्रेणी में टॉप-10 में स्थान बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाए
हालांकि उन्होंने कहा कि जिले के सभी अंचलों और अधिकारियों का प्रदर्शन एक समान बेहतर होना चाहिए। बांका के एडीएम की रैंकिंग 15वीं और डीसीएलआर की रैंकिंग 15वीं है। जिले के तीन अंचल ही टॉप-100 में हैं, जबकि आठ अंचलों की रैंकिंग 112 से 453 के बीच दर्ज की गई है। डॉ. जायसवाल ने तीनों जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक श्रेणी में टॉप-10 में स्थान बनाने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि रैंकिंग में सुधार का सीधा असर आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। यदि सभी अधिकारी प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ काम करें तो विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति आसान हो जाएगी।

मंत्री ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन व ई-मापी से संबंधित प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदनों और उनके निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की
समीक्षा के दौरान मंत्री ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन व ई-मापी से संबंधित प्रतिदिन प्राप्त होने वाले आवेदनों और उनके निष्पादन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन प्राप्त होने वाले नए मामलों से अधिक संख्या में मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करें। ऐसा होने पर ही लंबित मामलों का बोझ कम होगा और नागरिकों को समय सीमा के भीतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। लगातार तीन घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक में म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा-2, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन रिपोर्ट, राजस्व महाअभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों व फॉर्मर रजिस्ट्रेशन की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

मंत्री ने कहा- न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध निपटारा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है
इसके साथ ही आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से अंचल अधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि न्यायालयों में लंबित वादों का समयबद्ध निपटारा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। इस दौरान जिलों के अपर समाहर्ता, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचलाधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान विभाग के सचिव जय सिंह व सचिव सीमा त्रिपाठी ने प्रेजेंटेशन के आधार पर जिलों के अधिकारियों से सीधे संवाद किया
समीक्षा के दौरान विभाग के सचिव जय सिंह एवं सचिव सीमा त्रिपाठी ने प्रेजेंटेशन के आधार पर जिलों के अधिकारियों से सीधे संवाद किया और कार्यप्रणाली में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान कई अधिकारियों को कार्यप्रणाली में व्यापक स्तर पर सुधार के निर्देश दिए गए और स्पष्ट किया गया कि अगली समीक्षा में भी खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समीक्षा बैठक में अपर सचिव प्रशांत सीएच, विशेष सचिव इनायत खान, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, अपर सचिव आजीव वत्सराज समेत विभाग के सभी वरीय एवं कनीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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