NEET Exam Controversy: Blacklisted Company को मिला Biometric Verification का जिम्मा, उठे गंभीर सवाल

री-नीट परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन करने वाली कंपनी इनोवेटिव व्यू पर सवाल उठे हैं। झारखंड, यूपी और तमिलनाडु में ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद कंपनी को जिम्मेदारी दी गई थी।


NEET Exam Controversy : लखीसराय री-नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग के खुलासे के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जांच के दौरान सामने आई जानकारियों ने परीक्षा प्रबंधन से जुड़े संस्थानों की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है।

जानकारी के अनुसार री-नीट परीक्षा में अभ्यर्थियों के थंब इम्प्रेशन और बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी ईडीसीआईएल को सौंपी गई थी। हालांकि ईडीसीआईएल ने यह कार्य आगे इनोवेटिव व्यू कंपनी को सौंप दिया था।

NEET Exam Controversy:सॉल्वर गैंग खुलासे के बाद बढ़ी जांच की मांग

सॉल्वर गैंग मामले में कुछ बायोमेट्रिक कर्मचारियों और सुपरवाइजरों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद अब इनोवेटिव व्यू कंपनी की भूमिका भी जांच के केंद्र में आ गई है। आरोप है कि परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया में अनियमितताओं का फायदा उठाकर सॉल्वर गैंग ने अपनी पहुंच बनाई।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक या मिलीभगत तो नहीं हुई।

जानकारी के मुताबिक इनोवेटिव व्यू कंपनी को पहले भी विभिन्न राज्यों में परीक्षा संबंधी कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों का सामना करना पड़ा है।

बताया जा रहा है कि झारखंड सरकार ने वर्ष 2025 में, तमिलनाडु सरकार ने 2025 में तथा उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 में कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था। इन कार्रवाइयों के पीछे परीक्षा प्रबंधन और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी शिकायतों को कारण बताया गया था।

NEET Exam Controversy:संवेदनशील परीक्षा में जिम्मेदारी देने पर सवाल

री-नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण और संवेदनशील परीक्षा में बायोमेट्रिक सत्यापन का कार्य ऐसे संस्थान को दिए जाने पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसके खिलाफ पहले से विभिन्न राज्यों में कार्रवाई हो चुकी हो।

शिक्षा और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पहचान सत्यापन की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होती है। ऐसे में सेवा प्रदाता एजेंसियों के चयन और निगरानी को लेकर अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

NEET Exam Controversy:जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर

फिलहाल सॉल्वर गैंग मामले की जांच जारी है। जांच एजेंसियां बायोमेट्रिक सत्यापन प्रक्रिया, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित कंपनियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अनियमितताओं में किन-किन स्तरों पर चूक हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

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