केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियम 1980 में संशोधन किया। 1 जुलाई 2026 से सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की फीस बढ़ेगी। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को 10% छूट मिलेगी।
Passport Rules Update नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। इसके तहत सामान्य और तत्काल (तत्काल) दोनों श्रेणियों के पासपोर्ट के शुल्क में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के स्थान पर नया पासपोर्ट बनवाने की फीस भी बढ़ा दी गई है।
हालांकि सरकार ने आठ वर्ष तक के बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को राहत देते हुए नए पासपोर्ट के आवेदन शुल्क पर 10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान बरकरार रखा है।
Passport Rules Update: 1 जुलाई से लागू होगी नई पासपोर्ट फीस
नई व्यवस्था के अनुसार 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट का शुल्क 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं तत्काल सेवा के तहत यही पासपोर्ट बनवाने के लिए अब 5,000 रुपये देने होंगे, जो पहले 3,500 रुपये था।
इसी तरह 60 पन्नों वाले पासपोर्ट का सामान्य शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। तत्काल श्रेणी में इसकी फीस 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो जाएगी।
नई पासपोर्ट फीस
| पासपोर्ट श्रेणी | पुरानी फीस | नई फीस (1 जुलाई 2026 से) |
|---|---|---|
| 36 पन्ने सामान्य | ₹1,500 | ₹2,500 |
| 36 पन्ने तत्काल | ₹3,500 | ₹5,000 |
| 60 पन्ने सामान्य | ₹2,000 | ₹3,500 |
| 60 पन्ने तत्काल | ₹4,000 | ₹6,000 |
Key Highlights
1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी लागू होगी।
36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 2,500 रुपये होगी।
तत्काल पासपोर्ट की फीस बढ़ाकर 5,000 और 6,000 रुपये कर दी गई।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को आवेदन शुल्क पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि एसआईआर में पासपोर्ट अब भी वैध पहचान दस्तावेज रहेगा।
Passport Rules Update: खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर भी बढ़ी फीस
सरकार ने खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट जारी कराने के शुल्क में भी बढ़ोतरी की है। हालांकि इस श्रेणी के संशोधित शुल्क का विस्तृत विवरण अलग से जारी किया जाएगा।
Passport Rules Update: निर्वाचन आयोग ने पासपोर्ट को लेकर स्थिति की स्पष्ट
इस बीच निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पात्रता साबित करने के लिए मान्य 12 सहायक दस्तावेजों में भारतीय पासपोर्ट अब भी शामिल है।
आयोग ने यह स्पष्टीकरण विदेश मंत्रालय के उस बयान के बाद दिया, जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। निर्वाचन आयोग के अनुसार बिहार में एसआईआर, असम में विशेष पुनरीक्षण और अन्य मतदाता सूची सुधार अभियानों में पासपोर्ट को पहचान संबंधी वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाता रहा है।
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