पटना : बिहार के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में बुधवार से पठन पर्व की शुरुआत हो गई। बच्चों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करने और भाषा दक्षता के विकास को गति देने के उद्देश्य से आयोजित यह विशेष अभियान सात जुलाई तक चलेगा। पठन पर्व की थीम ‘हर दिन कहानी, हर बच्चे की जुबानी’ रखी गई है।
मिशन निपुण बिहार के 5 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के पहले दिन कक्षा दो के विद्यार्थियों के लिए विशेष वाचन गतिविधि आयोजित की गई
मिशन निपुण बिहार के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के पहले दिन कक्षा दो के विद्यार्थियों के लिए विशेष वाचन गतिविधि आयोजित की गई। इसके तहत बच्चों ने अपनी पसंदीदा भाषा; हिन्दी, उर्दू, बांग्ला, मैथिली या अंग्रेजी में कहानी, कविता या अनुच्छेद का 15 मिनट तक जोर-जोर से पाठ किया। सीनियर विद्यार्थियों ने छोटे बच्चों का सहयोग करते हुए उन्हें बेहतर ढंग से पढ़ने और समझने में मदद की।
यह अभियान बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने, भाषा कौशल को मजबूत करने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगा – शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने पठन पर्व की शुरुआत पर खुशी जताते हुए कहा कि यह अभियान बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने, भाषा कौशल को मजबूत करने और सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे नियमित रूप से पढ़ते हैं तो उनकी समझ, अभिव्यक्ति, कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास का विकास होता है।
बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस गतिविधि में भाग लिया
विद्यालयों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ इस गतिविधि में भाग लिया। कई विद्यार्थियों के धाराप्रवाह और प्रभावशाली वाचन से वहां उपस्थित शिक्षक भी प्रभावित दिखे। वाचन के लिए सिलेबस के अलावा स्कूल की लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों तथा अन्य पठन सामग्रियों का उपयोग किया गया। सामग्री के चयन में बच्चों की आयु, रुचि और सीखने के स्तर का विशेष ध्यान रखा गया।
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