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RIMS Land Scam: रिम्स की सरकारी जमीन घोटाले का मास्टरमाइंड प्रमोद महतो! एसीबी जांच में बड़े खुलासे

 रिम्स की सरकारी जमीन घोटाले में एसीबी जांच तेज हो गई है। जांच में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद महतो को मास्टरमाइंड बताया गया है। फर्जी दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और करोड़ों की धोखाधड़ी के नए खुलासे हुए हैं।


RIMS Land Scam रांची: रिम्स की सरकारी अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण और फर्जी तरीके से बिक्री के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। आरोपियों से पूछताछ और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसी ने इस पूरे सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड के रूप में प्रॉपर्टी डीलर प्रमोद महतो की भूमिका को चिन्हित किया है। एसीबी के अनुसार, सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बाजार में बेचने की पूरी साजिश प्रमोद महतो ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर रची।

RIMS Land Scam:सोनमति देवी के बयान से खुला जमीन फर्जीवाड़े का राज

एसीबी की जांच के दौरान दर्ज किए गए सोनमति देवी के बयान ने पूरे मामले की नई परतें खोल दी हैं। उन्होंने बताया कि विवादित जमीन का एक हिस्सा उनके नाम पर दर्ज था। आरोप है कि प्रमोद महतो और उसके सहयोगियों ने उन्हें झांसा देकर रजिस्ट्री कार्यालय बुलाया और वहां उनके अंगूठे का निशान ले लिया। जांच एजेंसी का कहना है कि सरकारी अधिग्रहित जमीन को वैध दिखाने के लिए सोनमति देवी का इस्तेमाल एक मोहरे के रूप में किया गया।


Key Highlights

  • एसीबी जांच में प्रमोद महतो को जमीन घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता बताया गया।

  • सोनमति देवी के बयान से सरकारी जमीन बेचने के फर्जीवाड़े का खुलासा।

  • वार्ड पार्षद के फर्जी हस्ताक्षर और जाली वंशावली से तैयार किए गए दस्तावेज।

  • बिहार की महिला से 45.72 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया।

  • कई समन जारी होने के बावजूद प्रमोद महतो एसीबी के सामने पेश नहीं हुआ।


RIMS Land Scam:फर्जी वंशावली और जाली हस्ताक्षर से तैयार किए गए दस्तावेज

एसीबी की जांच में सामने आया है कि सरकारी जमीन की बिक्री के लिए पहले फर्जी वंशावली तैयार की गई। इसके बाद दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए वार्ड पार्षद के फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। इन्हीं जाली कागजात के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। इस मामले में एसीबी पहले ही एक नामी बिल्डर समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।

RIMS Land Scam:बिहार की महिला से भी कथित धोखाधड़ी, चेक भी हुए बाउंस

जांच में यह भी सामने आया है कि इस जमीन घोटाले की पहुंच झारखंड से बाहर बिहार तक है। पटना निवासी कामिनी रंजन के पक्ष में 17.35 डिसमिल जमीन की बिक्री के लिए 45.72 लाख रुपये की सेल डीड तैयार की गई थी। आरोप है कि रकम लेने के बावजूद उन्हें जमीन का कब्जा नहीं दिया गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने वर्ष 2020 में पटना के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रमोद कुमार महतो के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पैसे लौटाने के लिए दिए गए चेक बैंक में बाउंस हो गए।

RIMS Land Scam:कई समन के बाद भी एसीबी के सामने नहीं हुआ पेश

एसीबी के अनुसार, पूछताछ में मिले इनपुट और गवाहों के बयानों के बाद प्रमोद महतो के खिलाफ जांच और तेज कर दी गई है। उसे पूछताछ के लिए कई बार समन जारी किया गया, लेकिन वह अब तक एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ है। जांच एजेंसी का मानना है कि कानूनी कार्रवाई के डर से वह फरार है। अब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है।

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