Chirkunda Kanwar Yatra 2026: चिरकुंडा से 111 कांवड़ियों का जत्था रवाना, बोल बम के जयकारों से गूंजा इलाका

Chirkunda Kanwar Yatra 2026: सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव के प्रति भक्तों की आस्था चरम पर होती है। इसी क्रम में, शुक्रवार सुबह ‘चिरकुंडा नंबर 3’ इनक्लाइन से चिरकुंडा कांवरिया संघ का 111 सदस्यों का एक जत्था सुल्तानगंज के लिए रवाना हुआ। पूरा इलाका “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। केसरिया वस्त्र पहने कांवरिये गाते-बजाते और संगीत बैंड की धुन पर थिरकते हुए अपनी धार्मिक यात्रा पर निकल पड़े। इस साल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम में पवित्र जल चढ़ाने के उद्देश्य से इस यात्रा में शामिल हुए हैं। रास्ते में स्थानीय लोगों ने तीर्थयात्रियों का स्वागत किया और उनकी यात्रा सुरक्षित और मंगलमय होने की कामना की।

19 वर्षों से लगातार आयोजित हो रही है कांवर यात्रा

कांवर यात्रा का नेतृत्व समाजसेवी और उद्योगपति अजय सिंह कर रहे हैं। चिरकुंडा कांवरिया संघ के सदस्य मनोज सिंह ने बताया कि संघ पिछले 19 वर्षों से लगातार इस धार्मिक यात्रा का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह था। संघ ने पहले से ही सभी जरूरी तैयारियां कर ली थीं ताकि तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो।

विभिन्न राज्यों के श्रद्धालु भी यात्रा में शामिल हुए

संघ के अनुसार, इस साल यात्रा में न केवल स्थानीय श्रद्धालु बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से आए शिव भक्त भी शामिल हुए। इससे यात्रा का स्वरूप और भी भव्य और आध्यात्मिक हो गया। तीर्थयात्रियों ने भगवान शिव के जयकारों के बीच अपनी यात्रा शुरू की और भक्ति गीतों के साथ उत्साहपूर्वक आगे बढ़े।

सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किलोमीटर की पदयात्रा

यात्रा के दौरान, कांवरिये सबसे पहले बिहार के सुल्तानगंज में ‘उत्तरवाहिनी गंगा’ से पवित्र जल भरेंगे। इसके बाद, वे झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पहुंचने के लिए लगभग 105 किलोमीटर की पदयात्रा करेंगे। वहाँ भगवान शिव का जलाभिषेक करने के बाद, भक्त दुमका के बाबा बासुकीनाथ मंदिर में भी पवित्र जल चढ़ाएंगे। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद पूरा समूह चिरकुंडा लौट आएगा।

भक्तिमय माहौल में समूह की रवानगी

जैसे ही समूह आगे बढ़ा, चिरकुंडा इलाका पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति में डूब गया। केसरिया कपड़ों में सजे-धजे भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप और भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़े। स्थानीय लोगों ने भी कांवरियों का उत्साह बढ़ाया और उनकी यात्रा के सफल और सुरक्षित होने की कामना की। सावन के पवित्र महीने में होने वाली यह कांवर यात्रा इस इलाके की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है; हर साल, बाबा बैद्यनाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त इसमें शामिल होते हैं।

यह भी पढ़ें: RRB CBT Exam 2025: रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए स्पेशल Train चलाने की तैयारी, रांची समेत कई शहरों में बढ़ी तैयारी

Thailand Delegation Bihar Tourism: थाईलैंड का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा बिहार,...

Thailand Delegation Bihar Tourism, पटना: बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित फैम टूर ‘लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट’ के तहत थाईलैंड से...

Lav Kush Pratibha Samman Samaroh: पटना में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह,...

Lav Kush Pratibha Samman Samaroh, पटना: राजधानी पटना में लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी...

Samrat Chaudhary Developed Bihar: लव-कुश प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने...

Samrat Chaudhary Developed Bihar, पटना: सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में रविवार को “विकसित बिहार: नींव से निर्माण तक” महामंथन सह लव-कुश...