JPSC Exam Scam 2026: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए आयोग की पूर्व सदस्य डॉ. अजीता भट्टाचार्य के पूर्व निजी सहायक (PA) ब्रज कुमार राम को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उस पर JPSC अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे लेने और उम्मीदवारों को परीक्षा में लाभ पहुंचाने के लिए संपर्क करने के आरोप हैं। ब्रज कुमार राम की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी अब कथित पैसे के लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
अभ्यर्थियों से पैसे लेने के आरोप
सीआईडी की जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, ब्रज कुमार राम कथित तौर पर JPSC सदस्य के लिए अभ्यर्थियों से पैसे लेता था। जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या वह परीक्षा में चयन दिलाने के लिए उम्मीदवारों की तलाश और उनसे संपर्क करता था। मामले में TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी समेत अन्य आरोपियों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ में सामने आए कथित बयानों में JPSC सदस्यों पर पैसे लेकर इंटरव्यू में अधिक अंक देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के स्तर पर ही है।
पूर्व अध्यक्ष और सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में
JPSC से जुड़े कथित परीक्षा अनियमितता मामले में जांच का दायरा कई स्तरों तक पहुंच गया है। सीआईडी पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते, तत्कालीन सदस्यों, परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनी TDPL के अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क की संभावना की पड़ताल की जा रही है, जिसमें अयोग्य अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई हो। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोपों को अंतिम रूप से सही मानने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
पैसे के लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया में हस्तक्षेप की जांच
ब्रज कुमार राम की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी अब मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसमें अभ्यर्थियों से कथित संपर्क, पैसे के लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप समेत अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और उनकी क्या भूमिका रही।
JPSC परीक्षाओं को लेकर पहले से उठते रहे हैं सवाल
JPSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों तथा छात्र संगठनों की ओर से लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं। इसी मामले की जांच के दौरान सीआईडी की ओर से की गई गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ कथित पैसे के लेन-देन और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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