JSSC CGL Exam Cancelled 2026: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में प्रोजेक्ट भवन में हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बड़ा फ़ैसला लिया गया। कैबिनेट का यह फ़ैसला उन उम्मीदवारों के लिए अहम माना जा रहा है जो लंबे समय से JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार ने न केवल CGL परीक्षा को लेकर, बल्कि TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं को लेकर भी एक बड़ा फ़ैसला लिया है।
JSSC CGL परीक्षा रद्द; TDPL की सभी परीक्षाएं भी रद्द होंगी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि JSSC CGL परीक्षा रद्द कर दी गई है। इसके अलावा, TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का भी फ़ैसला किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाएं तब भी रद्द कर दी जाएंगी, जब उनके लिए चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो। CGL परीक्षा को लेकर सामने आई गड़बड़ियों की भी जांच की जाएगी। आंदोलन कर रहे युवाओं का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहे युवा अलग-अलग गुटों में बंटे हुए नहीं हैं। उन्हें राज्य के युवा बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उनके हितों के समर्थन में खड़ी है।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अगर पहले से तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का सख्ती से पालन किया गया होता, तो ऐसी कमियां नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब परीक्षा प्रक्रिया में कई नए सुधार किए जाएंगे। खबरों के मुताबिक, सरकार का ध्यान परीक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करने और उम्मीदवारों का भरोसा बहाल करने पर है।
JSSC और JPSC में सुधार के लिए हाई-लेवल कमेटी बनेगी
मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ कौशल के नेतृत्व में एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा। यह कमिटी JSSC और JPSC, दोनों की परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करेगी। कमिटी कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और परीक्षा में ज़रूरी सुधारों के बारे में सुझाव और गाइडलाइंस तैयार करेगी। सरकार का मकसद भर्ती प्रक्रिया को ज़्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है।
2014 से हुई नियुक्तियों में गड़बड़ियों की जांच
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 2014 से अब तक हुई नियुक्तियों में गड़बड़ियों की पूरी जांच कराएगी। इसमें सभी स्तरों पर हुई नियुक्तियों से जुड़ी संभावित गड़बड़ियों की जांच शामिल है। मुख्यमंत्री के बयान से पता चलता है कि सरकार के इस फैसले का दायरा सिर्फ़ मौजूदा भर्ती परीक्षाओं से कहीं ज़्यादा बड़ा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता न होने देने और भर्ती प्रक्रिया में उनका भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
MMDR एक्ट को लेकर विशेष सत्र के संकेत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा MMDR एक्ट में किए गए संशोधनों पर सरकार का रुख भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाई जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी, तो इस मामले पर विचार-विमर्श के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी विचार किया जा सकता है।
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