धनबाद के सीएमपीएफओ मुख्यालय में 3.64 करोड़ रुपये के कथित पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ है। सीबीआई ने चार अफसरों समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
CMPFO Pension Scam रांची: धनबाद स्थित कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन यानी सीएमपीएफओ के मुख्यालय में करीब 3.64 करोड़ रुपये के कथित पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि सीएमपीएफओ के चार अधिकारियों ने अन्य लोगों की मिलीभगत से सेवानिवृत्त और मृत कोयला कर्मियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खुलवाये और उनमें पेंशन तथा वर्षों का एरियर भुगतान कराकर रकम निकाल ली। मामले में सीबीआई ने गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CMPFO Pension Scam:142 कोयला कर्मियों के नाम पर किया गया कथित फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि कथित घोटाले में 142 कोयला कर्मियों के नाम का इस्तेमाल किया गया। इनमें 127 कर्मियों की मौत हो चुकी थी। आरोप है कि मृत कर्मियों के फर्जी आश्रित तैयार कर उनके नाम पर पेंशन की प्रक्रिया पूरी की गयी।
वहीं 15 सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी तरीके से पेंशन स्कीम का आवेदन देकर जालसाजी की गयी। आरोपियों ने बैंकों में जाली दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाये और इनमें मासिक पेंशन के साथ पिछली अवधि की एकमुश्त एरियर राशि भी जमा करायी गयी। इसके बाद रकम की निकासी कर ली गयी।
Key Highlights
- धनबाद सीएमपीएफओ मुख्यालय में 3.64 करोड़ रुपये के कथित पेंशन घोटाले का खुलासा।
- 142 मृत और सेवानिवृत्त कोयला कर्मियों के नाम पर कथित फर्जीवाड़ा किया गया।
- इनमें 127 कर्मियों की मौत हो चुकी थी।
- सीएमपीएफओ के चार अधिकारियों समेत अन्य लोगों पर आरोप लगा है।
- सीबीआई ने गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CMPFO Pension Scam:सीवीओ की जांच के बाद CBI ने दर्ज की FIR
सीएमपीएफओ के चीफ विजिलेंस ऑफिसर यानी सीवीओ को इस मामले में लिखित शिकायत मिली थी। इसके बाद करायी गयी आंतरिक जांच में कथित अनियमितताओं की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि जिन कर्मियों की मौत हो चुकी थी या जिन सेवानिवृत्त कर्मियों ने पेंशन के लिए आवेदन नहीं किया था, उनके नाम पर पेंशन की रकम निकाली गयी।
सीवीओ ने जांच रिपोर्ट धनबाद सीबीआई को भेजकर प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।
CMPFO Pension Scam:मार्च 2015 में कथित घोटाले की नींव पड़ने का आरोप
सीबीआई की प्राथमिकी में सीएमपीएफओ हेडक्वार्टर धनबाद में तैनात अधिकारियों के साथ अन्य अज्ञात अधिकारी और कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों में सेक्शन ऑफिसर अचिंत्य कुमार, तत्कालीन सीनियर एसएसए दीप कुमार, सेक्शन ऑफिसर अजय सिन्हा और सीनियर एसएसए मंजीत कुमार के नाम शामिल हैं।
दीप कुमार फिलहाल ओडिशा के तालचर क्षेत्रीय कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। अचिंत्य कुमार और अजय सिन्हा सीएमपीएफओ मुख्यालय धनबाद में तैनात बताये गये हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कथित घोटाले की नींव मार्च 2015 में पड़ी। आरोप है कि अधिकारियों ने उन सेवानिवृत्त और मृत कर्मियों की सूची निकाली, जिन्होंने पेंशन का लाभ नहीं लिया था। इसके बाद रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर फर्जी सेवानिवृत्त कर्मियों और आश्रितों के नाम तैयार किये गये।
फर्जी पेंशन दावों के आधार पर बैंक खाते खुलवाये गये। इन खातों में मासिक पेंशन के साथ 12 से 13 वर्षों की एरियर राशि भी जमा करायी गयी। रिपोर्ट के अनुसार यह रकम कुल 3,64,48,052 रुपये थी। आरोप है कि बिचौलियों को कमीशन देकर पूरी राशि निकाल ली गयी।


















