बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स एसएल4 फाइनल में फ्रांस के लुकास मजूर ने हराया
पीएम मोदी ने कहा- सेवा और खेल का अद्भुत संगम
पैरालंपिक में भारत ने अब तक जीते 18 पदक
टोक्यो : टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी और नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल यथिराज ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। रविवार को उन्हें बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स एसएल4 फाइनल में फ्रांस के वर्ल्ड नंबर-1 लुकास मजूर ने 63 मिनट में 15-21, 21-17, 21-15 से हराया।
38 साल के सुहास ने पैरालंपिक के बैडमिंटन इवेंट में प्रमोद भगत के गोल्ड के बाद सिल्वर मेडल दिलाया। टोक्यो खलों में भारत के पदकों की संख्या 18 हो गई।
एसएल4 वर्ग में ही तरुण ढिल्लों को कांस्य पदक मैच में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान ने 32 मिनट में 21-17, 21-11 से मात दी।
इस तरह से नोएडा के जिलाधिकारी सुहास एल यथिराज पैरालंपिक में मेडल जीतने वाले पहले आईएएस अधिकारी भी बन गए हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम सुहास की पर बधाई दी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने टोक्यो पैरालंपिक में नोएडा के डीएम सुहास के बैडमिंटन पुरुष एकल एसएल4 में रजत पदक जीतने पर उन्हें ट्वीट कर बधाई दी। राष्ट्रपति ने लिखा, सुहास यथिराज को बधाई जिन्होंने पैरालंपिक में दुनिया को कड़ी टक्कर दी और बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीता। एक सिविल सेवक के रूप में कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए खेलों को आगे बढ़ाने में आपका समर्पण असाधारण है। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा, सेवा और खेल का अद्भुत संगम! सुहास यथिराज ने अपने असाधारण खेल की बदौलत हमारे पूरे देश को खुश कर दिया। बैडमिंटन में सिल्वर मेडल जीतने पर उन्हें बधाई। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, नोएडा के डीएम सुहास एल यथिराज ने पैरालंपिक में रजत पदक जीता है इसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं। मुझे प्रसन्नता है कि अपने प्रशासनिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वाहन करने के साथ ही उन्होंने पैरालंपिक में भी बड़ी सफलता प्राप्त की है।
मौजूदा पैरालंपिक में भारत ने अब तक 18 पदक जीते हैं। भारत के खाते में अब 4 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक हैं। यह पैरालंपिक के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। रियो पैरालंपिक (2016) में भारत ने 2 स्वर्ण सहित 4 पदक जीते थे।
कौन खिलाड़ी एसएल वर्ग में लेते हैं हिस्सा
एसएल वर्ग में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं, जिन्हें खड़े होने में दिक्कत हो या निचले पैर का विकार हो, जबकि एसयू में ऊपरी हिस्से के विकार वाले एथलीट खेलते हैं। सुहास के एक टखने में समस्या है।
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