Ranchi-हां, मैं बिहारी हूं- विधान सभा के विशेष सत्र के दौरान जब 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति पर चर्चा की जा रही थी, बेरमो विधायक अनूप सिंह ने 1932 के खतियान के पक्ष में जबरदस्त समर्थन देते हुए कहा है कि हां, यह सत्य है कि मैं बिहारी हूं, लेकिन मुझे 1932 के खतियान से कोई आपत्ति नहीं है, उल्टे मैं इसका समर्थक हूं.
हां, मैं बिहारी हूं, लेकिन 1932 खतियान से कोई आपत्ति नहीं है मुझे
दरअसल विधान सभा के अन्दर कुछ सदस्यों के द्वारा 1932 के खतियान को झारखंडियों की पहचान से जोडा़ जा रहा था, इसे बिहारी और झारखंडियों की बीच की लड़ाई के रुप में पेश करने की कोशिश की जा रही थी, इसी बीच अनूप सिंह ने यह कहकर उन सभी आलोचकों को जबाव देने की कोशिश की ,जिनकी उंगली उन विधायकों और नेताओं की ओर उठ रही थी, जिनका जुड़ाव कहीं ना कहीं बिहार से रहा है.
अनूप सिंह ने झारखंड में ऑपरेशन लोटस को किया था असफल
विधायक अनूप सिंह इन आलोचनाओं और
शंकाओं को विराम लगाते हुए कहा कि हां,
मैं बिहारी हूं, लेकिन मैं 1932 के खतियान के समर्थक में खड़ा हूं.
यहां बता दें कि विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह के द्वारा
झारखंड में ऑपरेशन लोटस का भंडाफोड़ किया गया था,
उसके बाद उनके आवास पर आईटी और ईडी की ओर से छापेमारी की गयी थी.
लेकिन अनूप सिंह इन छापेमारियों के बाद भी भाजपा पर हमलावर ही रहें.
और आज यह कह कर अपनी मंशा साफ कर दी कि हां बिहारी हूं मैं,
लेकिन मैं झारखंडियों के साथ खड़ा हूं. उनके अधिकार का सम्मान करता हूं.


















