अदाणी फॉउंडेशन ने गोद लिए टीबी के 70 नए मरीज, प्रदान किया पहले चरण का पोषण किट

ड़कागांव:  गोंदलपुरा खनन परियोजना के तहत अदाणी फॉउंडेशन ने इस बार 70 नए टीबी मरीजों को गोद लिया है। इससे पहले गोद लिए गए 60 टीबी के अधिकतर मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बड़कागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को अदाणी फॉउंडेशन ने  ‘प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना’के तहत इन मरीजों के बीच पोषक आहार किट का वितरण किया।

इस अवसर पर बड़कागांव के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ बीएन प्रसाद ने कहा कि अदाणी फॉउंडेशन ने एक बड़ा मापदंड स्थापित किया है। ऐसी बहुत कम कंपनियां हैं जो दूसरे चरण में भी टीबी मरीजों को गोद लेती हैं। इसलिए अदाणी फॉउंडेशन की यह पहल बहुत बड़ी बात है।

मौके पर जिला टीबी कार्यक्रम समन्वयक टीपू सुल्तान ने कहा कि इस नेक पहल के लिए अदाणी फॉउंडेशन का जितना भी आभार व्यक्त किया जाए वो कम होगा। उन्होंने कहा कि अदाणी फॉउंडेशन हजारीबाग जिले का ऐसा पहला कॉर्पोरेट घरना है, जिसने पिछले साल भी टीबी के 60 मरीजों को छह महीनों तक पोषण किट प्रदान किया था और इस बार भी इसे कायम रखा है।

अदाणी फॉउंडेशन ने गोद लिए टीबी के 70 नए मरीज

उन्होंने कहा कि इस बार पोषण किट के आहारों की गुणवत्ता और मात्रा भी बढ़ाई गयी है, जो स्वागतयोग्य है। कार्यक्रम में जिला टीबी अधिकारी डॉक्टर आरके जायसवाल ने मरीजों से कहा कि दवा के अतिरिक्त जो पोषण आहार उन्हें मिल रहे हैं उनका नियमित रूप से सेवन किया जाना चाहिए ताकि जल्द से जल्द टीबी को ठीक किया जा सके। उन्होंने कहा कि अदाणी फॉउंडेशन के इस प्रयास से टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आएगी।

अदाणी फॉउंडेशन ने गोद लिए टीबी के 70 नए मरीज, प्रदान किया पहले चरण का पोषण किट

अदाणी फॉउंडेशन ने गोद लिए टीबी के 70 नए मरीज

टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है। इसका समय पर उपचार करवा लिया जाए तो इससे हमेशा के लिए इससे छुटकारा मिल सकता है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने देश को टीबी मुक्त बनाने की भी शपथ ली। सबने एक स्वर में कहा कि अपने मोहल्ले, गांव और शहर को टीबी मुक्त बनाना है।

‘प्रधानमंत्री निक्षय पोषण योजना’ के तहत बांटे गए इस किट में एक-एक किलो हॉर्लिक्स, च्वयनप्राश, अरहर दाल, चना, गुड़, हरा मूंग और सरसो तेल जैसी आहार सामग्रियां शामिल थीं। ये सभी मरीज बड़कागांव प्रखंड के विभिन्न गावों के हैं, जिन्हें अदाणी फॉउंडेशन ने गोद लिया है।

 

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