Ranchi –तीन कृषि कानूनों को वापस लेते ही राजनीतिक दलों में श्रेय लेने और मोदी सरकार को घेरने की होड़ मच गई है. विपक्षी दल कहीं न कहीं इसे अपनी जीत मान रहे हैं और इस बहाने केन्द्र सरकार को नसीहत देने का मौका नहीं गंवा रहें.
किसान आन्दोलन में शहीद किसानों को मिले 5-5 करोड़ की राशि- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद घोषणा बताते हुए कहा कि तीन काले कृषि कानूनों को वापस लेते ही भाजपा और उसका पूरा महकमा मोदी सरकार को किसान हितैषी साबित करने के दुष्प्रचार में जुट गई है. यह तो वही बात हो गई कि आप किसी का गला दबायें और जब इससे भी उसकी मौत नहीं हो तो फिर अपने आप को उसका हितैषी होने का दावा करें. लगभग डेढ़ साल के किसान आन्दोलन के बाद इस काले कानून को मजबूरी में वापस लिया गया. सरकार किसान आन्दोलन के दौरान शहीद किसानों को 5-5 करोड़ का मुआवजा दे.
भाजपा ने किसानों के दर्द को समक्षने की कोशिश नहीं की -शशि थरुर
जबकि कांग्रेस नेता शशि थरुर ने कहा कि किसी भाजपा ने किसानों का दर्द नहीं समक्षने की कोशिश नहीं की. जबरन किसानों पर कानून थोपा गया.

न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने की साजिश की जा रही-डॉ0 रामेश्वर उरांव
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के वित्त और खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ0 रामेश्वर उरांव ने कहा है कि अभिमानी केन्द्र सरकार को अन्नदाताओं के सामने झुकना पड़ा.
डेमोक्रेसी में कोई कानून जबरन थोपा नहीं जाता है, कानून बनाने के पहले लोगों से विचार-विमर्श किया जाता है, उनका सुझाव लिया जाता है. लेकिन बीजेपी ने एकतरफा फैसला ले कर संसद से पारित कराने का काम किया. किसान पिछले एक साल से आंदोलनरत थे. देश किसानों के साथ खड़ा था. लेकिन एक वर्ष तक भाजपा ने आंदोलन की अनदेखी की. अब केंद्र सरकार आंदोलन के आगे झुक गयी, प्रधानमंत्री ने कानून को रद्द करने की घोषणा की है, पार्टी इसका स्वागत करती है, लेकिन जब तक विधिसम्मत तरीके से कानून को वापस नहीं ले लिया जाता, तब तक आंदोलनरत जारी रहेगा.
डॉ0 उरांव ने यह भी आशंका जतायी कि देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने की साजिश की जा रही है, इसलिए पार्टी यह भी मांग करती है कि जरुरत के मुताबिक देश में एमएसपी को लेकर कानून बनें.
गुरु पूर्णिमा के दिन अपने परिवार के साथ खुशियां मनायें किसान- रधुवर दास
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस स्वागतयोग्य कदम बताया और सभी किसानों से घर वापस जाकर गुरु पूर्णिमा दिन अपने-अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने की सलाह दी
किसान आन्दोलन के दौरान किसानों की शहादत इतिहास में दर्ज रहेगी -बंधु तिर्की
झारखंड कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष विधायक बंधु तिर्की ने इसे एक चुनावी जुमला और किसानों आन्दोलन की जीत बताया. बंधु तिर्की ने कहा कि आखिरकार मोदी सरकार को अंततः झुकना पड़ा. एक राजनेता और किसान-पुत्र के तौर पर प्रधानमंत्री का यह ऐलान अच्छा लगा. कारपोरेट घरानों के हितों की हिफाजत के लिए सरकार ने पूरे एक वर्ष किसानों को सताया. लेकिन किसानों के कई जरूरी सवाल अब भी अनुत्तरित है. किसानों का यह आंदोलन को विश्व इतिहास का सबसे लंबा और लोकतांत्रिक जन आंदोलन है. इस लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान 600 से अधिक किसानों को विभिन्न कारणों और परिस्थितियों में अपनी जान गंवानी पड़ी. किसानों की यह शहादत भी इतिहास में दर्ज रहेगी.

इरफान अंसारी के बिगड़े बोल, किया प्रधानमंत्री के फांसी की मांग
जबकि कांग्रेस विधायक इरफान अंंसारी ने तीन कृषि कानूनों की वापसी पर विवादित बयान दे डाला. इरफान अंसारी ने कहा कि इस किसान आन्दोलन के दौरान हजारों किसानों की जान चली गई, इसके जिम्मेवार प्रधानमंत्री मोदी है. इसलिए प्रधानमंत्री को फांसी की सजा दी जानी चाहिए.
बढ़ती महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, मोदी सरकार को कोसा



















