Dumka-Ankita murder case-पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मंराडी ने दुमका
एसडीपीओ नूर मुस्तफा पर अंकिता के हत्यारे को बचाने का आरोप लगाया है.
अंकिता के परिजनों से मिलने दुमका पहुंचे
बाबूलाल मरांडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर काफी हमलावर नजर आये.
हेमंत सोरेन को आदिवासी और महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि
आदिवासी महिला विरोधी हेमंत सोरेन को
मुख्यमंत्री के पद पर रहने का कोई नैतिक हक नहीं है.
उनके भ्रष्ट अधिकारी आदिवासी और महिलाओं पर जुल्म ढा रहे हैं और
उन अधिकारियों को मुख्यमंत्री का संरक्षण हैं, रूपा तिर्की और
संध्या टोपनो में भी मुख्यमंत्री यही रवैया देखने को मिला था
और दोनों महिला अधिकारियों को अपनी जान गवांनी पड़ी थी.
दोनों महिला पुलिस अधिकारियों की जान सिस्टम की लापरवाही की वजह से गई.
जबकि दोनों आदिवासी समाज की थी.
Ankita murder case- एसडीपीओ नूर मुस्तफा की भूमिका संदिग्ध
बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर दुमका के एसडीपीओ नूर मुस्तफा पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि
नूर मुस्तफा के द्वारा अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है.
शिकारीपाड़ा के कोयला खदानों से अवैध वसूली में नूर मुस्तफा की अहम भूमिका है.
अंकिता हत्याकांड में भी इनकी भूमिका काफी संदिग्ध है.
इनके द्वारा आरोपी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.
बाबूलाल मरांडी ने नूर मुस्तफा के खिलाफ 120 बी के तहत मामला दर्ज
कर शाहरुख हुसैन और नईम खान के साथ जेल भेजने की मांग की.
Ankita murder case–सीडब्ल्यू की 4 सदस्यीय टीम ने किया दौरा
इधर अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में सीडब्ल्यू की 4 सदस्यीय टीम पीड़िता के परिवार के साथ मुलाकात की.
टीम ने पीड़िता का मार्कशीट की भी जांच करने के बाद कहा कि
मार्कशीट के अनुसार पीड़िता का जन्म नाबालिग थी,
इस मामले में पोक्सो अधिनियम के तहत धाराएं लागू होनी चाहिए.
इससे पहले दुमका पुलिस ने दावा किया था कि
मृतका ने मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में 19 साल का जिक्र किया था.
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