Bihar Breaking : पीएम मोदी बोले – बिहार में भी खुले शंकरा नेत्र चिकित्सालय, शंकराचार्य ने भरी हामी…

जनार्दन सिंह की रिपोर्ट

वाराणसी : Bihar Breaking – पीएम मोदी बोले – बिहार में भी खुले शंकरा नेत्र चिकित्सालय, शंकराचार्य ने भरी हामी…। बिहार से सटे पूर्वांचल यानी पूर्वी उत्तर प्रदेश की हृदयस्थली कहे जाने वाले काशी अर्थात वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए अहम घोषणा कर दी।

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आरजे शंकरा नेत्र चिकित्सालय के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मंच पर मौजूद कांची कामकोटिपुरम पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती से सार्वजनिक तौर पर अपने संबोधन के दौरान अनुरोध किया।

कहा कि बिहार में भी एक ऐसा ही नेत्र चिकित्सालय खुले क्योंकि वहां इसकी बहुत जरूरत है। इस पर मुस्कुराते हुए शंकराचार्य ने हामी भरने  की मुद्रा में अपना सिर हिलाया।

पीएम मोदी बोले – बिहार के लोगों की सेवा करना बड़ा सौभाग्य…

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा –‘…तो मैं पब्लिकली पूज्य शंकराचार्य जी से प्रार्थना करता हूं कि वैसा ही एक शंकरा नेत्र चिकित्सालय बिहार में करें।

…मुझे लगता है कि बिहार के लोगों की बहुत बड़ी सेवा होगी…और महाराज जी का तो देश के हर कोने में जाने का इरादा है। …तो शायद बिहार को जरूर प्राथमिकता मिलेगी…आपके आशीर्वाद मिलेंगे बिहार को।

…सचमुच में बिहार के लोगों की सेवा करना ये भी बहुत बड़ा सौभाग्य है।…बड़े परिश्रमी लोग है…बहुत मेहनत करने वाले लोग हैं।…और उनके जीवन में हम कुछ करेंगे तो हमें भी जीवन में बहुत बड़ा संतोष मिलेगा…’।

वाराणसी में रविवार को शंकराचार्य के साथ मंच पर विमर्श करते पीएम मोदी।
वाराणसी में रविवार को शंकराचार्य के साथ मंच पर विमर्श करते पीएम मोदी।

पीएम मोदी बोले – बचपन से जानता हूं कि बिहार के लोगों को नेत्र चिकित्सालय की कितनी जरूरी

इसी क्रम में अपने संबोधन के आखिर में पीएम पूरी तरह बिहार और बिहारवासियों के नेत्र-चिकित्साव पर ही केंद्रित रहे।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि –‘….क्योंकि मेरी बचपन की वो स्मृतियां…बिहार को लेकर हैं। …मैं आज जब पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में बैठा हूं तब मुझे अपने बचपन की कुछ बातें याद आ रही हैं।

…हम जब छोटे थे तब मेरे गांव से एक डॉक्टर कुछ लोगों की टोली लेकर के एक महीने के लिए बिहार जाते थे…और बिहार में वे नेत्र यज्ञ करते थे और कैटरेक्ट ऑपरेशन का एक बहुत बड़ा अभियान करते थे। हर साल एक-एक महीना देते थे।

…तो मेरे गांव से कई लोग वालंटियर के रूप में जाया करते थे। मैं बचपन में इन चीजों से परिचित था।…और बिहार में इसकी कितनी जरूरत थी, यह मैं उस समय जानता था’।

India International Trade Fair 2026: बिहार के उत्पादों को मिलेगी पहचान,...

India International Trade Fair 2026: बिहार के कारीगरों, उद्यमियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) और उत्पादकों को अपने उत्पाद राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित...

Bihar Disaster Management Internship: पटना के एएन कॉलेज के 20 विद्यार्थियों...

Bihar Disaster Management Internship, पटना: बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग में ए.एन. कॉलेज, पटना के बीए (भूगोल) के विद्यार्थियों के लिए 10 दिवसीय इंटर्नशिप...

Bihar Rooftop Solar Project: बिहार में सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा,...

Bihar Rooftop Solar Project: बिहार में सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना को गति दी जा रही है। जल...