बिहार में नक्सलवाद की उलटी गिनती शुरू! कुछ जंगलों को छोड़ पूरा प्रदेश नक्‍सल मुक्‍त!

पटना : बिहार में अब लाल आतंक की उलटी गिनती चल रही है। नक्‍सल आतंक अब अपनी समाप्ति की ओर है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल के दौरान इस आतंक के लिखाफ वर्षों से अभियान चलाया जा रहा है। जिसका असर साफ दिखने लगा है। इस साल 2025 में अब तक एक भी नक्सली हिंसा की वारदात नहीं हुई है। वहीं, फर्जी नक्सली गतिविधियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए हैं।

DIARCH Group 22Scope News

राज्य से लगभग खत्म हुई नक्सली मौजूदगी

बिहार पुलिस, एसटीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने राज्य के सुदूरवर्ती जंगलों तक नक्सलियों की कमर तोड़ दी गई है। पुलिस मुख्यालय की मानें तो अब सिर्फ मुंगेर और जमुई जिलों के कुछ दुर्गम जंगलों में ही इनकी गतिविधियां रह गई हैं। मगर कभी ये इलाके नक्सल का गढ़ कहे जाते थे। औरंगाबाद जैसे जिले भी अब शांत हैं। हालांकि, सतर्कता बरकरार रखते हुए इन इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है।

सिर्फ कुछ चेहरे बाकी, पूरा बिहार ‘नक्सल मुक्त’

बिहार पुलिस के अनुसार अब पूरा राज्‍य नक्‍सल मुक्‍त हो चुका है। पूरे राज्य में सिर्फ लखीसराय-जमुई के कुछ जंगल हैं, जहां कुछ गिने-चुने नक्सली बचे हैं। मगध जोन में सिर्फ एक इनामी नक्सली नितेश यादव पुलिस गिरफ्त से बाहर है। बाकी या तो गिरफ्तार हो चुके हैं या सीमावर्ती राज्यों की ओर भाग चुके हैं।

उत्तर बिहार नक्सलमुक्त, जल्द ही पूरे राज्य से होगा सफाया : ADG

नक्सलियों की गतिविधि बिहार में काफी सिमट गई है। सिर्फ लखीसराय और जमुई के कुछ सुदूरवर्ती इलाकों में इनकी गतिविधि है। एसटीएफ की खास टुकड़ी को इन इलाकों में तैनात किया गया है। मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सली सफाए की घोषणा के तहत बिहार ने भी अभियान तेज किया है। एडीजी मुख्यालय सह एसटीएफ प्रमुख कुंदन कृष्णन ने प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी जानकारी दी।

ADG 2 22Scope News

कोई नक्‍सल वारदात नहीं, फर्जी चेहरे बेनकाब

बिहार पुलिस के अनुसार, इस साल अब तक 82 नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 3 कुख्यात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। राज्य में दर्ज 12 नक्सल संबंधी मामलों ऐसे मामले भी आए, जिसकी जांच में यह पता चला कि ये सभी फर्जी हैं। इन मामलों की तफ्तीश में पता चला कि लोकल अपराधी नक्सलियों के नाम पर डर का माहौल बनाना चाहते थे। जो पोस्टरबाजी कर, धमकी देकर इलाके में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे थे। इनका मकसद डर का मौहौल बनाकर पैसे की उगाही था। इनका असली नक्सल नेटवर्क से इनका कोई सीधा संबंध नहीं था।

यह भी देखें :

आत्मसमर्पण की बाढ़, एक के बाद एक नक्‍सलियों ने डाले हथियार

बताते चलें कि हाल के दिनों में पुलिस ने कई अभियान चलाए। जिसकी वजह से नक्‍सल की कमर तोड़ने में सफलता मिली है। पुसिल से मिली जानकारी के अनुसार, नौ अप्रैल को बांका जिले में एक लाख के इनामी रमेश उर्फ टेटुआ मार गिराया गया। पांच जुलाई को मुंगेर में सुरेश कोढ़ा के दस्ते से मुठभेड़ हुई। जून-जुलाई में तीन बड़े इनामी नक्सलियों रावण कोड़ा, अखिलेश सिंह भोक्ता और भोला कोड़ा ने आत्मसमर्पण किया। इन आत्मसमर्पणों ने नक्‍सल संगठन को बड़ा झटका दिया है।

ADG 1 22Scope News

भारी मात्रा में असलहा बरामद

बिहार पुलिस को नक्‍सल अभियान में भारी सफलता मिली है। इस दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में असलहा बारूद बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार विभिन्‍न अभियानों में तीन एसएलआर, दो सेमी-ऑटोमेटिक राइफल, 567 गोलियां और 67 आईईडी विस्फोटक बरामद किए गए। इनके साथ ही अफीम की खेती को भी नष्ट कर संगठन की आर्थिक रीढ़ तोड़ने की दिशा में गंभीर कदम उठाए गए हैं।

यह भी पढ़े : अवैध खनन के विरुद्ध विभाग ने जुलाई में 4,500 से अधिक जगहों पर की छापेमारी, जब्त किए 486 वाहन…

बिहार बनेगा AI Innovation Hub: Bihar AI Policy 2026 पर विशेषज्ञों...

पटना में Bihar AI Policy 2026 पर आयोजित परामर्श बैठक में AI, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण...

सम्राट कैबिनेट में लिए गए कई बड़े फैसले, बिहार में 5...

पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज यानी थोड़ी देर पहले एक अणे मार्ग स्थित सीएम आवास पर कैबिनेट की बैठक चल...

बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के नए कार्यालय भवन का उद्घाटन, शिक्षा...

पटना : बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के नए कार्यालय भवन के उद्घाटन किया। उन्होंन इस अवसर...