एपीपी नियुक्ति को रद्द किए जाने पर अदालत ने राज्य सरकार से मांगा जवाब

रांची : झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस डा. एसएन पाठक की अदालत में एपीपी नियुक्ति को रद्द किए

जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है.

अदालत ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में एपीपी की नियुक्ति रद्द की गई है.

मामले में अगली सुनवाई 2 मई को होगी.

राज्य सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया के बीच में ही एपीपी नियुक्ति को रद्द कर दिया था.

जेपीएससी ने एपीपी की नियुक्ति कर दिया था रद्द

जेपीएससी ने 19 जनवरी को 143 एपीपी की नियुक्ति का रिजल्ट निकालने से पहले विज्ञापन रद्द कर दिया था. आयोग ने राज्य सरकार के निर्देश के आलोक में ऐसा किया है. राज्य सरकार ने उक्त विज्ञापन में इएसडब्ल्यू कोटा को आरक्षण देने का जिक्र नहीं रहने के कारण आयोग से प्रस्ताव वापस मांग लिया है. गृह विभाग के पास एपीपी की और रिक्तियां आ गयी हैं. अब सभी एक साथ जोड़ कर नियमानुसार आयोग को भेजा जायेगा.

2018 से चल रही थी नियुक्ति प्रक्रिया

आयोग ने मुख्य परीक्षा में सफल 175 अभ्यर्थियों के लिए अक्तूबर 2021 में इंटरव्यू का आयोजन किया था. गृह विज्ञान द्वारा पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों व आयोग की तरफ से रिजल्ट निकालने की अनुमति मांगी गयी, लेकिन विभाग ने राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में विज्ञापन रद्द करने की बात कही. राज्य में एपीपी की नियुक्ति प्रक्रिया वर्ष 2018 से चल रही थी. वर्ष 2018 में आयोग का यह तीसरा नियुक्ति विज्ञापन था. अभ्यर्थियों से आठ अप्रैल 2018 तक आवेदन मांगे गये थे.

16 अप्रैल 2019 को आवदेन की सूची की गयी थी जारी

16 अप्रैल 2019 को स्वीकृत आवेदन और अस्वीकृत आवेदन की सूची जारी की गयी. 28 जुलाई 2019 को प्रारंभिक परीक्षा ली गयी. 23 अक्तूबर 2019 को इसका रिजल्ट जारी किया गया था. जबकि, पांच से नौ जनवरी 2020 तक मुख्य परीक्षा ली गयी और 28 मई 2021 को मुख्य परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया था. इसके बाद चार व पांच अक्तूबर 2021 को इंटरव्यू का आयोजन किया गया था.

तीन गुना से कम उम्मीदवार इंटरव्यू में हुए थे शामिल

नियुक्ति नियमावली के अनुसार, मुख्य परीक्षा में रिक्त पद के तीन गुना उम्मीदवार का चयन इंटरव्यू के लिए होना था, लेकिन कई कैटेगरी में उम्मीदवार कम रहने के कारण तीन गुना से कम उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल हुए. अनारक्षित के लिए कुल रिक्ति 73 थी, लेकिन इंटरव्यू के लिए मुख्य परीक्षा में 157 उम्मीदवार सफल हुए. जबकि, नियमानुसार 219 का चयन होना था. इसी प्रकार एससी में कुल रिक्ति 16 के विरुद्ध इंटरव्यू के लिए आठ उम्मीदवार, एसटी में कुल रिक्ति 42 के विरुद्ध 13 उम्मीदवार, बीसी वन में कुल रिक्ति सात के विरुद्ध 10 उम्मीदवार व बीसी टू में कुल रिक्ति पांच के विरुद्ध छह उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा में सफल हो सके थे.

रिपोर्ट: प्रोजेश दास

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