
पटना : बिहार की राजधानी पटना में पुलिस भर्ती को लेकर अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं। कैंडिडेट्स बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर सीएम आवास का घेराव करने की कोशिश कर रहे हैं। अभ्यर्थियों हाथों में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे हैं। ऐसे में मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात है। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। साथ ही सीएम आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। कैंडिडेट्स बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSC) और केंद्रीय कांस्टेबल चयन बोर्ड (CSBC) के परीक्षा में पारदर्शिता सहित अपनी मांगों को लेकर पटना में विरोध कर रहे हैं।

प्रदर्शन में शिक्षक नेता भी शामिल
हालांकि, अभ्यर्थियों को रोकने के लिए डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही सीएम आवास की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। इस प्रदर्शन में अभ्यर्थियों के साथ-साथ कई शिक्षक और शिक्षक नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि बिहार पुलिस दारोगा भर्ती की जल्द से जल्द वैकेंसी निकाले।
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वैकेंसी निकालने की मांग
अभ्यर्थियों की माने तो दारोगा भर्ती को लेकर काफी समय से वैकेंसी निकाले जाने की मांग की जा रही है। लेकिन, अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लेने के कारण अभ्यर्थियों का गुस्सा फूटा और वे आज सड़क पर प्रदर्शन करने उतर गए हैं। अभ्यर्थियों के मुताबिक, आने वाले 10 दिनों में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद नई भर्ती की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। ऐसी स्थिति में जल्द ही दारोगा भर्ती की वैकेंसी जारी करनी चाहिए। अभ्यर्थियों का कहना है कि जल्द वैकेंसी हो नहीं तो विधानसभा चुनाव का बहिष्कार होगा।
पटना में BJP ऑफिस के बाहर डायल 112 चालक कर्मियों का प्रदर्शन
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी पटना का राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। चुनावी साल में जहां राजनीतिक दल जनता को लुभाने के लिए रैलियों और वादों में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर विभिन्न संविदा और सरकारी योजनाओं से जुड़े कर्मियों का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा। इसी बीच आज यानी सोमवार को डायल 112 सेवा से जुड़े चालक कर्मियों ने पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

उन्हें समान काम के बदले सम्मानजनक वेतन दिया जाए – प्रदर्शनकारी चालककर्मी
प्रदर्शनकारी चालक कर्मियों की मांग है कि उन्हें समान काम के बदले सम्मानजनक वेतन दिया जाए, राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान किया जाए और सेवा अवधि के दौरान इंश्योरेंस की सुविधा दी जाए। इसके अलावा उन्होंने मांग रखी कि बिहार सरकार की नौकरियों में डायल 112 कर्मियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि वे 13 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक किसी भी प्रकार का डेलिगेशन उन्हें नहीं मिला है।
डायल 112 सेवा में कार्यरत 16 चालक अबतक ड्यूटी के दौरान शहीद हो चुके हैं – कर्मी
आपको बता दें कि इसके साथ ही कर्मियों ने दुख जताते हुए कहा कि डायल 112 सेवा में कार्यरत 16 चालक अबतक ड्यूटी के दौरान शहीद हो चुके हैं, लेकिन उनके परिजनों को किसी तरह का मुआवजा सरकार की ओर से नहीं दिया गया। इससे कर्मियों में गहरा आक्रोश है। वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उनसे मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।
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विवेक रंजन की रिपोर्ट




