राजभवन में संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के स्थापना दिवस समारोह का हुआ आयोजन

रांची. राजभवन में संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के राज्य स्थापना दिवस समारोह का आयोजन हुआ। इस दौरान राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह समारोह हमारी सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक है।

उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के स्थापना दिवस समारोह

राज्यपाल ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश राज्य स्थापना दिवस है और 21 जनवरी को त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस था। वे 21 जनवरी को राज्य के बाहर दौरे के कारण उस दिन नहीं मनाया जा सका था और संयुक्त रूप से चारों राज्य का आज स्थापना दिवस समारोह मनाने का निर्णय लिया।

राज्यपाल ने कहा कि वे स्वयं भी उत्तर प्रदेश के बरेली से आते हैं। यह प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रसिद्ध है। वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे स्थान देश और विश्व के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उत्तर प्रदेश विश्वविख्यात ताजमहल से लेकर पवित्र गंगा नदी तक, दुनिया के हर कोने से लोगों को आकर्षित करता है। प्रयागराज कुंभ मेले के लिए प्रसिद्ध है, जो हर 12 वर्षों में आयोजित होता है और करोड़ों श्रद्धालु व पर्यटक कुंभ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान करने आते हैं। इस वर्ष का महाकुंभ, जो 144 वर्षों बाद आया है, करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है और देश-विदेश से लोग आ रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्य हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करने के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने त्रिपुरा के खारची और गरिया पूजा, मणिपुर के नृत्य रूपों और मेघालय की मातृसत्तात्मक परंपराओं का उल्लेख करते हुए इन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता की अनमोल धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि झारखंड के वीर सपूत परमवीर अल्बर्ट एक्का ने 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान अगरतला के निकट मातृभूमि की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी।

उन्होंने कहा कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम हमारे प्रधानमंत्री जी की एक अद्भुत पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लोगों के बीच परस्पर संवाद और समझ को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति का सम्मान करते हुए दूसरों की संस्कृति को समझने और आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ये चारों राज्य अपनी-अपनी विशेषताओं के साथ राष्ट्र की प्रगति में सतत योगदान देते रहें। उन्होंने सभी को इन राज्यों के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने कहा कि राज भवन में “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विभिन्न राज्यों का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाता रहा है। विगत लगभग एक वर्ष से लोक सभा एवं विधान सभा चुनाव के कारण नहीं मनाया जा रहा था। इसी कड़ी में आज पुनः इस कार्यक्रम के तहत इन 4 राज्यों का स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है। उन्होंने सभी से अपने कर्मभूमि के विकास में सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर मणिपुर, मेघालय एवं त्रिपुरा के राज्यपाल का विडियो संदेश का भी प्रसारण हुआ।

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