मोतिहारी : बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के दीक्षारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। पूर्व केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद राधामोहन सिंह ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज्य और देश की स्वतंत्रता का सपना देखा और उन्होंने इन्हें पूरा करने के लिए आम जनता को सहभागी बनाया। उन्होंने हाथ में नमक लेकर कानून तोड़ने और चरखा चलाने जैसे कार्यक्रमों में लोगों को शामिल कर इन्हें आजादी प्राप्त करने का हथियार बनाया।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे युवाओं को वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सहभागी बनना चाहिए। उन्हें नौकरी की तलाश करने के बजाए रोजगार का सृजन करनेवाला बनना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 विद्यार्थियों को इस हेतु सक्षम बनाने में उपयोगी है। राज्यपाल ने मोतिहारी में चरखा पार्क का परिभ्रमण किया और गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने मोतिहारी में सत्याग्रह स्मारक पर भी पुष्प चक्र अर्पित कर पूज्य बापू को श्रद्धांजलि दी।
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सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति संजय श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का सम्मान मोमेंटो देकर किया। इस मौके पर विशिष्ठ अथिति के रूप में पहुए सांसद ने कहा कि अब बस तीन वर्ष के अंदर यह विश्व विद्यालय अपना पूर्ण रूप ले लेगा। वहीं मुख्य अतिथि के रूप में पहुचे राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रिटिश काल से आ रहे शिक्षा नीति ने हमें इस कदर मानसिक तौर पर गुलाम बना दिया था कि युवक पढ़ाई करने के बाद नौकरी मांगने जाते थे। पर 2020 में जो नई शिक्षा नीति आई है उससे युवक अब नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनेगा। देश को अब सोने की चिड़िया नहीं बनाना है बल्कि सोने का शेर बनाना है जो दहड़ेगा तो पूरा विश्व सुनेगा।
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सोहराब आलम की रिपोर्ट







