जीएसटी के नाम पर एनएच पर वाहनों से अवैध वसूली, व्यवसायी ने लगाया आरोप

वरीय अधिकारियों से शिकायत कर की कार्रवाई की मांग

धनबाद : जीएसटी के नाम पर एनएच 2 पर वाहनों से अवैध वसूली हो रही है.

यह आरोप शुक्रवार की रात व्यवसायी गणेश पांडेय ने लगाया है.

उन्होंने वरीय अधिकारियों से शिकायत कर तोपचांची पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है.

व्यवसायी ने कहा कि स्विफ्ट कार में पुलिस के साथ सवार तीन युवकों ने

ट्रकों को जबरन रोककर पैसे की वसूली करने लगे.

पैसे नहीं देने पर जीएसटी और अन्य जांच के लिए थाना के सामने जीटी रोड़ पर खड़ा कर दिया.

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वाहनों से अवैध वसूली : वसायी ने लगाया गंभीर आरोप

उन्होंने बताया कि सरिया लोड ट्रक कोलकाता से चली थी.

जिसे तोपचांची थाना क्षेत्र के जीटी रोड पर जीएसटी जांच के लिए रोक दिया गया.

जांच में राकेश केसरी, शंकर रवानी उर्फ शिबू, और ऋषिकेश कुमार उर्फ सन्नी, दो सिपाही शामिल थे.

वे लोग जीएसटी अधिकारी बनकर उक्त थाना क्षेत्र में ट्रकों की चेकिंग लगाते हैं. ये तीनों युवक पासिंग एजेंट है. तीनों जीटी रोड से अपना गाड़ी पास करवाने का काम करते हैं. जिस गाड़ियों से पैसा नहीं दिया जाता है उस गाड़ी का पेपर व वाहन के ड्राइवर से मोबाइल ले लिया जाता है.

वाहनों से अवैध वसूली : जीएसटी से रिपोर्ट आने के बाद भी की जाती है पैसे की मांग

व्यवसायी ने कहा कि सभी पेपर सही रहने के बाद भी केस करने की धमकी दी जाती है. आठ से दस दिनों तक गाड़ी को जीएसटी विभाग में भेजकर परेशान किया जाता है. उसके बाद गाड़ी को छोड़ता है. जीएसटी से रिपोर्ट आने के बाद भी पैसे की मांग की जाती है. स्विफ्ट का नंबर जेएच 10 बीजेड 1077 है.

तोपचांची थाना की मिलीभगत से युवकों के द्वारा होती है गुंडागर्दी

उन्होंने बताया कि तोपचांची थाना की मिलीभगत से इन युवकों के द्वारा गुंडागर्दी की जा रही है. गणेश पांडेय ने जिले के एसएसपी संजीव कुमार से मांग की है कि इन वसूलीबाज युवकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. मौके पर पहुंची मीडिया कर्मियों ने भी पुलिस से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन कैमरे पर कुछ भी नहीं बताया गया.

कई अधिकारियों पर गिरी थी गाज

गौरतलब है कि पांच साल पहले धनबाद से गुजरने वाली जीटी रोड से राजगंज में एक चमड़ा लोड ट्रक को पीछा करते हुए पुलिस के द्वारा ड्राइवर को गोली मारी गई थी. तोपचांची थाना में मामला दर्ज होने के बाद तत्कालीन थानेदार उमेश कच्छप को जांच अधिकारी बनाया गया था. उसके बाद उमेश कच्छप का शव तोपचांची थाना परिसर में फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला था. मृतक थानेदार के परिजनों ने घटना को लेकर हत्या का आरोप लगाया था. सीआईडी जांच के साथ ही पुलिस के कई अधिकारियों पर गाज गिरी थी.

रिपोर्ट: राजकुमार जायसवाल

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