Breaking : हिंडनबर्ग के नए आरोपों से टूटा भारतीय शेयर बाजार, अडानी समूह के शेयर 7 फीसदी लुढ़के

डिजीटल डेस्क : Breakingहिंडनबर्ग के नए आरोपों से टूटा भारतीय शेयर बाजार, अडानी समूह के शेयर 7 फीसदी लुढ़के। अडानी प्रकरण में सीधे सेबी प्रमुख पर हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद भारत के घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट देखने को मिला।

बाजार में गिरावटी रुख के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। प्रमुख भारतीय बेंचमार्क इस दौरान गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे जबकि अडानी समूह के शेयर 7 फीसदी तक लुढ़क गए।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों का कारोबार गिरावट के साथ शुरू

सोमवार सुबह 9 बजकर 18 मिनट पर सेंसेक्स 294 अंक या 0.37% टूटकर 79,411 पर कारोबार कर रह था जबकि निफ्टी 85 अंक या 0.35% की गिरावट के साथ 24,282 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

निफ्टी के शेयरों में अडानी एंटरप्राइजेज व अडानी पोर्ट्स के शेयर सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 4 फीसदी की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहे। एनटीपीसी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील के शेयर भी लाल निशान पर खुले। दूसरी ओर, ग्रासिम, ओएनजीसी, एशियन पेंट्स, ब्रिटानिया और एचडीएफसी बैंक के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे।

सेबी प्रमुख की निवेशकों को सलाह – बिल्कुल भी ना घबराएं, रिपोर्ट के भ्रम में न आएं

बता दें कि अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच पर उन ऑफशोर फंड्स में निवेश करने का आरोप लगाया है, जिनका इस्तेमाल अदाणी समूह के शेयरों में तेजी लाने के लिए किया गया था। हालांकि, बुच दंपती ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि सभी निवेश की जानकारी का खुलासा नियमों के अनुसार किया गया है।

अमेरिकी शॉर्ट सेलर रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग के आरोपों पर सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच और उनके पति धवल बुच ने बयान जारी किया और हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए सेबी पर लगे सभी आरोप झूठे बताए हैं। निवेशकों के बीच भी रिपोर्ट को लेकर किसी तरह का तनाव न रहे इसके लिए उन्होंने निवेशकों को सलाह दी है कि वह बिलकुल भी न घबराएं। उन्हें हिंडनबर्ग रिपोर्ट के भ्रम में आने की जरूरत नहीं है।

सेबी की अपील – घबराएं नहीं, चिंता न करें, शांत रहें और सावधानी बरतें

सेबी ने निवेशकों से अपील की है कि इस तरह की रिपोर्ट को पढ़कर कोई भी निर्णय लेने से पहले छानबीन करें ताकि उन्हें किसी तरह का नुकसान न हो। सेबी ने सोमवार को मार्केट खुलने से पहले जारी अपने बयान में कहा कि चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच समय-समय पर सभी जरूरी जानकारियां देती रही हैं।

उन्होंने चेयरपर्सन बनने से पहले ही संभावित हितों के टकराव से जुड़े मामलों से खुद को अलग कर लिया था। ऐसे में निवेशकों को रिपोर्ट को लेकर किसी भी तरह के भ्रम में आने की जरुरत नहीं है और निवेशकों को हिंडनबर्ग द्वारा पेश की गई रिपोर्ट में दिए गए डिस्क्लेमर को जरूर पढ़ना चाहिए।

अपने बयान में सेबी ने निवेशकों से शांत रहने की अपील की है और कहा है कि वे इस तरह की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देने से पहले शांत रहें और पूरी सावधानी बरतें। सेबी ने निवेशकों से कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्टों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।

सेबी ने कनफ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट से जुड़े मसलों पर पूरा ढांचा तैयार किया हुआ है। इसमें सिक्योरिटीज की होल्डिंग और ट्रंसफर की जानकारी देनी होती है। सेबी चीफ ने इन सभी नियमों का पालन किया है।

सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच
सेबी प्रमुख माधबी पुरी बुच

सेबी ने बताया – खंगाले गए थे 12 हजार पेजों के 300 से ज्यादा दस्तावेज

सेबी ने कहा कि हमने पिछले साल अडानी ग्रुप के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद 24 में से 23 जांच पूरी कर ली हैं। इनमें पिछली बार की रिपोर्ट में लगाए गए आरोप साबित नहीं हुए हैं। अब ब्लैकस्टोन को लेकर लगाए जा रहे आरोप भी गलत हैं।

सेबी ने पिछली रिपोर्ट के बाद शुरू की गई जांचों के बारे में बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में स्थिति साफ कर दी थी। सिर्फ एक जांच अभी भी जारी है, जो जल्द ही पूरी हो जाएगी। हमने 100 से ज्यादा समन जारी किए थे और 1100 पत्र और ईमेल भी भेजे थे।

इसके अलावा 100 बार से ज्यादा घरेलू और विदेशी रेगुलेटर एवं एजेंसियों से इस मसले पर मदद मांगी थी। साथ ही पिछली बार के आरोपों की जांच के लिए 12 हजार पेजों के 300 से ज्यादा दस्तावेज खंगाले गए थे।

हिंडनबर्ग के डिस्क्लेमर में लिखी बातों पर डालें नजर….

सेबी ने निवेशकों से यह भी कहा है कि वे रिपोर्ट में दिए गए डिस्क्लेमर को ध्यान से पढ़ने को कहा है जिसमें कहा गया है कि पाठकों को यह मान लेना चाहिए कि रिपोर्ट में शामिल प्रतिभूतियों में हिंडनबर्ग रिसर्च की शॉर्ट पोजीशन हो सकती है। हिंडनबर्ग रिपोर्ट के डिस्क्लेमर में लिखा है कि यह रिपोर्ट सिक्योरिटीज पर कोई सलाह नहीं है।

यह जांच-पड़ताल पर आधारित रिपोर्ट है। हम हर पाठक को सलाह देते हैं कि वे खुद से जांच-पड़ताल करें। हिंडनबर्ग रिसर्च के शोध का इस्तेमाल करना आपके अपने जोखिम पर है। किसी भी स्थिति में हिंडनबर्ग रिसर्च या इससे जुड़ी कोई भी पार्टी इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी के कारण हुए किसी भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष व्यापारिक नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।

आप इस बात से सहमत हैं कि आप खुद से रिसर्च और जांच-पड़ताल करेंगे और किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय, कानूनी और कर सलाहकार से सलाह लेंगे।

Saffrn

Trending News

झारखंड Weather Update: Heatwave Alert के साथ आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का...

 झारखंड में 2 मई 2026 को हीटवेव, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जानिए ताजा मौसम अपडेटWeather Update रांची:...

मजदूर दिवस पर न्याय का संदेश : ‘सशक्त मजदूर, सशक्त राष्ट्र’

छपरा : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर सारण जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DALSA), छपरा द्वारा श्रम...

मोतिहारी के कई थानों की पुलिस ने भारत-नेपाल सीमा के बाजारों...

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन शहर के करीब आधा दर्जन दुकानों पर साइबर पुलिस एवं स्थानीय चार थाना की पुलिस ने बड़ी...

चंद्रशेखर सिंह ने IPRD के सचिव का संभाला पदभार

पटना : 2010 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने शुक्रवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के सचिव का...

समस्तीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लूट की योजना बनाते हुए अवैध...

समस्तीपुर : समस्तीपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। आगामी नौ मार्च को सुबह 11:38 बजे नगर थानान्तर्गत बहादुरपुर वार्ड संख्या-26 स्थित बाबुल इंटरप्राईजेज...
Corrugated Boxes Supplier in Jharkhand & West Bengal | Aarisha Packaging Solutions
Best Packaging Solution Provider of Jharkhand

Social Media

194,000FansLike
27,500FollowersFollow
628FollowersFollow
695,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img