नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव ने बीती रात खतरनाक मोड़ ले लिया जब भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। पाकिस्तानी सेना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा है कि रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस, शोरकोट के पीएएफ रफीकी एयरबेस और चकवाल के मुरीद एयरबेस पर भारी नुकसान हुआ है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और रावलपिंडी में देर रात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए।
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, भारत ने यह हमला उस जवाबी कार्रवाई के तहत किया है, जो पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा में बीते दो दिन में किए गए हमलों के बाद की गई है। जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने शुक्रवार शाम भारत के पंजाब, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और गुजरात के 26 शहरों को ड्रोन और मिसाइल अटैक से निशाना बनाने की कोशिश की थी, जिसमें नागरिक इलाकों को टारगेट किया गया। भारतीय वायुसेना और थलसेना ने इन हमलों को नाकाम करते हुए करारा जवाब दिया।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारतीय इलाकों पर फतेह-1 नामक सरफेस-टू-सरफेस मिसाइलें भी दागीं, जिन्हें भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम्स ने इंटरसेप्ट कर निष्क्रिय कर दिया। भारत की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई पूरी तरह मिलिट्री टारगेट्स पर केंद्रित थी। भारत ने साफ किया है कि उसकी रणनीति केवल आतंकवादी अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की है, जबकि पाकिस्तान लगातार भारतीय नागरिक इलाकों पर हमले कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के कई एयरस्पेस को खाली कराए जाने के बाद वहां के चार प्रमुख एयरपोर्ट्स अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने खुद स्वीकार किया कि भारत की मिसाइल स्ट्राइक से उनके एयरबेस को भारी नुकसान हुआ है।
भारतीय प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेना प्रमुख लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। दिल्ली में रातभर उच्चस्तरीय बैठकें चलीं और सीमा पर सभी सेक्टर्स में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। श्रीनगर, पठानकोट, सिरसा और उधमपुर में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के नौ आतंकी शिविरों को तबाह किया था, लेकिन तब भी भारत ने नागरिक इलाकों को निशाना नहीं बनाया था। मौजूदा कार्रवाई को भी भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रही उकसावे वाली गतिविधियों का जवाब बताया है।
इस बीच जी7 देशों के विदेश मंत्रियों ने भारत और पाकिस्तान दोनों से तुरंत तनाव घटाने की अपील की है। लेकिन सीमापार लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए सीमा पर युद्ध जैसी स्थिति बन चुकी है।


















