झारखंड सरकार ने आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक और मानवीय प्रबंधन के लिए कार्ययोजना तैयार की है। 49 नगर निकायों में शेल्टर होम, केनल और एबीसी नियमों के तहत बंध्याकरण व टीकाकरण किया जाएगा।
Jharkhand Dog Control Plan रांची: झारखंड में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आवारा कुत्तों और अन्य बेसहारा पशुओं के वैज्ञानिक एवं मानवीय प्रबंधन के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इस योजना का उद्देश्य आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करना, रेबीज की रोकथाम करना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Jharkhand Dog Control Plan:49 नगर निकायों में बनेंगे शेल्टर होम और केनल
नई कार्ययोजना के तहत राज्य के सभी 49 नगर निकायों में पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control-ABC) नियमों के अनुरूप आधुनिक शेल्टर होम और केनल विकसित किए जाएंगे। यहां पकड़े गए आवारा कुत्तों का बंध्याकरण, टीकाकरण और आवश्यक उपचार किया जाएगा। इसके बाद एबीसी नियमों के अनुसार उनका प्रबंधन किया जाएगा।
Key Highlights:
झारखंड सरकार ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए नई कार्ययोजना बनाई।
राज्य के सभी 49 नगर निकायों में शेल्टर होम और केनल बनाए जाएंगे।
स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को सुरक्षित बनाया जाएगा।
एबीसी नियमों के तहत कुत्तों का बंध्याकरण, टीकाकरण और उपचार होगा।
हाईवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष पेट्रोलिंग टीम का गठन किया जाएगा।
Jharkhand Dog Control Plan:स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन होंगे सुरक्षित
सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, खेल परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को आवारा कुत्तों से सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की है। इसके तहत इन परिसरों में फेंसिंग और गेट लगाए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान में एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी, जो परिसर की सुरक्षा और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
Jharkhand Dog Control Plan:कई विभाग मिलकर करेंगे कार्यान्वयन
इस योजना को नगर विकास विभाग, पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों के समन्वय से लागू किया जाएगा। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं में आवारा पशुओं की भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष हाईवे पेट्रोल टीम का भी गठन किया जाएगा, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके और आवारा पशुओं का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित हो।
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