Jharkhand High Court: 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा पर फैसला 29 अगस्त को

 झारखंड हाइकोर्ट ने प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा से जुड़ी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।


Jharkhand High Court रांची: रांची स्थित झारखंड हाइकोर्ट में प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा कराने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने प्रार्थियों और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC का पक्ष सुना। सुनवाई के दौरान अदालत ने JSSC के अधिवक्ता संजय पिपरावाल से मामले से जुड़े कई सवाल पूछे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। कोर्ट 29 अगस्त को इस मामले में फैसला सुनायेगी।

Jharkhand High Court:प्रार्थियों ने कहा, अभ्यर्थियों की कोई गलती नहीं

प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता चंचल जैन ने अदालत को बताया कि जिन 2819 अभ्यर्थियों को पुनर्परीक्षा की नोटिस दी गयी, उनकी ओर से कोई गलती नहीं की गयी थी। इसके बावजूद JSSC ने उनकी दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। प्रार्थियों ने अदालत से आग्रह किया कि पहले आयोजित परीक्षा के आधार पर ही संबंधित अभ्यर्थियों का रिजल्ट जारी किया जाये। उनका कहना था कि अभ्यर्थियों को किसी अन्य की कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।


Key Highlights

  • प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा का मामला।

  • झारखंड हाइकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा।

  • अदालत 29 अगस्त को अपना फैसला सुनायेगी।

  • प्रार्थियों ने पहले की परीक्षा के आधार पर रिजल्ट जारी करने की मांग की।

  • JSSC ने कंप्यूटर में हैकिंग और बाहरी हस्तक्षेप की बात अदालत में बतायी।


Jharkhand High Court:JSSC ने कंप्यूटर हैकिंग का दिया हवाला

JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल और अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने अदालत को बताया कि माध्यमिक आचार्य परीक्षा में 2819 अभ्यर्थियों के कंप्यूटर में हैकिंग हुई थी। आयोग ने इसे अटेंप्ट फ्रॉम आउट साइड यानी बाहरी स्रोत से कंप्यूटर सिस्टम में हस्तक्षेप बताया।यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में आयोजित की गयी थी। इसी आधार पर आयोग ने संबंधित 2819 अभ्यर्थियों की पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। प्रार्थी अर्पणा कुमारी और अन्य की ओर से दायर याचिका में पुनर्परीक्षा की नोटिस को चुनौती दी गयी है। अब इस मामले में हाइकोर्ट के 29 अगस्त के फैसले से 2819 अभ्यर्थियों की आगे की परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट होगी।

 

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