JSSC CGL परीक्षा में कथित धांधली की जांच का दायरा बढ़ गया है। 17 सदस्यीय SIT ने जांच शुरू कर 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ शुरू की है।
JSSC CGL Scam रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की CGL परीक्षा में कथित धांधली की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले सीआईडी ने हाईकोर्ट में दायर शपथ पत्र में पेपर लीक की बात से इनकार किया था। अब परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के कथित खुलासे के बाद सीआईडी ने जांच के लिए 17 सदस्यीय विशेष जांच दल यानी SIT गठित किया है।
एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व में गठित SIT में सात आईपीएस अधिकारियों के अलावा डीएसपी, इंस्पेक्टर और दारोगा स्तर के अधिकारी शामिल हैं। टीम ने जांच की कमान संभालते ही गुरुवार को 37 संदिग्धों को नोटिस जारी कर पूछताछ शुरू कर दी है।
JSSC CGL Scam: 37 संदिग्धों से पूछताछ, आरोपियों से मिले इनपुट पर आगे बढ़ेगी जांच
SIT की शुरुआती कार्रवाई में 37 संदिग्धों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया है। इनसे पूछताछ के साथ ही मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिले इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार पहले ही बड़ा फैसला लेते हुए परीक्षा रद्द कर चुकी है। परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी असंतोष सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ अधिकारी प्रोजेक्ट भवन में प्रवेश पर रोक के बाद आंदोलन के रास्ते पर उतर आए हैं।
Key Highlights
JSSC CGL मामले की जांच के लिए 17 सदस्यीय SIT गठित की गई है।
SIT का नेतृत्व STF के IG अनूप बिरथरे कर रहे हैं।
जांच टीम ने 37 संदिग्धों को नोटिस देकर पूछताछ शुरू की है।
TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के कथित खुलासे के बाद जांच का दायरा बढ़ा।
JSSC CGL परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को हुई थी और सरकार इसे रद्द कर चुकी है।
JSSC CGL Scam: SIT में सात IPS अधिकारियों समेत 17 सदस्य
एसटीएफ आईजी अनूप बिरथरे के नेतृत्व वाली SIT में सात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें डीआईजी एससीआरबी वाईएस रमेश, एसपी विशेष शाखा हृदीप पी. जनार्दनन, एसपी एसआईबी सौरभ, एसपी मुख्यालय निधि द्विवेदी, एसपी सीआईडी पूज्य प्रकाश, एसपी सीआईडी रोशन गुड़िया और एएसपी चैनपुर श्रुति शामिल हैं।
JSSC CGL परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को आयोजित हुई थी। मामले में सीआईडी थाने में 1 जनवरी 2025 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसपी हृदीप पी. जनार्दनन को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाया गया था। इस मामले में करीब एक दर्जन आरोपी पहले से जेल में हैं।
JSSC CGL Scam: अभय तिवारी के खुलासे के बाद बढ़ा जांच का दायरा
JSSC CGL मामले में जांच का रुख उस समय बदला जब JPSC 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली के मामले में परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया।
सीआईडी की पूछताछ के दौरान अभय तिवारी ने कथित तौर पर JSSC CGL परीक्षा में भी बड़े पैमाने पर धांधली होने की जानकारी दी। आरोप है कि पैसे लेकर अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराया गया था।
इस खुलासे के बाद सीआईडी ने CGL मामले की जांच का दायरा बढ़ाया और नई SIT गठित की। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित धांधली किस स्तर पर हुई, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए किस तरह की व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Highlights



















