Jharkhand Illegal Coal News: सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) ने झारखंड में अवैध कोयला व्यापार के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। MMDR एक्ट के तहत मिले नए अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए, फोर्स ने राज्य की अलग-अलग कोयला खदानों में ऑपरेशन के दौरान लगभग 5,800 मीट्रिक टन अवैध कोयला ज़ब्त किया है। अधिकारियों का अनुमान है कि ज़ब्त किए गए कोयले की कीमत लगभग ₹3.50 करोड़ है। इसके अलावा, 100 से ज़्यादा अवैध कोयला साइट्स को बंद या सील कर दिया गया है।
MMDR एक्ट के तहत अधिकार मिलने के बाद कार्रवाई तेज हुई
अधिकारियों के मुताबिक, नए कानूनी अधिकार मिलने के बाद CISF ने अवैध खनन और कोयले की तस्करी के खिलाफ अपना अभियान तेज़ कर दिया है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा रही है। आने वाले दिनों में इस अभियान के और बढ़ने की उम्मीद है।
कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत की जाएगी
अवैध खनन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए, BCCL धनबाद, CCL करगाली, CMP हज़ारीबाग और ECL शीतलपुर जैसी प्रमुख कोयला खदानों में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की संख्या बढ़ाई जाएगी। खुफिया जानकारी के आधार पर विशेष छापेमारी करने की भी योजना है। इस अभियान में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें ड्रोन से निगरानी, गाड़ियों की सघन जांच और संयुक्त निरीक्षण शामिल हैं। पुलिस, ज़िला प्रशासन, खनन विभाग और रेलवे के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
221 मामले दर्ज; सैकड़ों गाड़ियां जब्त
अब तक 221 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जहां 78 नई अवैध खनन साइट्स की पहचान की गई है, वहीं 323 गाड़ियां ज़ब्त की गई हैं। ज़ब्त की गई गाड़ियों में—जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध कोयले की ढुलाई के लिए किया जाता था—ट्रक, टिपर, हाइवा, ट्रैक्टर, वैन, ट्रॉली, स्कूटर, साइकिल और मोटरसाइकिल शामिल हैं।
रांची में समीक्षा बैठक; अधिकारियों को निर्देश जारी
CISF के अतिरिक्त महानिदेशक (पूर्वी क्षेत्र) सुधीर कुमार ने रांची का दौरा किया और झारखंड व बिहार में तैनात अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में कोयला खदानों में सुरक्षा व्यवस्था, ऑपरेशन से जुड़ी चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में अलग-अलग यूनिट्स के सीनियर अधिकारी शामिल हुए, जिनमें इंस्पेक्टर जनरल प्रबोध चंद्र और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुमंत सिंह, जितेंद्र कुमार तिवारी, प्रनीत चंद्र, अमित माथुर और राजीव मिश्रा शामिल थे। बैठक में सतर्कता बरतने, बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने और ऑपरेशनल क्षमता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
गैर-कानूनी गतिविधियों को रोकने पर खास ज़ोर
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में गैर-कानूनी कोयला खनन, चोरी और तस्करी को रोकने के लिए खास अभियान चलाए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियां इंटेलिजेंस नेटवर्क को मज़बूत करने और टेक्निकल सर्विलांस को बेहतर बनाने पर ज़ोर दे रही हैं। अधिकारियों ने कहा कि गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ़ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई जारी रहेगी।
Highlights



















