Ranchi : पहलगाम आतंकी हमले को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने अब सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका बयान जानबूझकर दिया गया था ताकि जवाबदेही तय करने की बहस को मजबूती मिल सके। सोनू ने कहा, “मेरे बयान के बाद मुझे भूगोल का पाठ पढ़ाया गया, लेकिन मैं मूल रूप से यह कहना चाहता था कि जब किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं हो रही तो नैतिक आधार पर कांग्रेस के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।”
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जिम्मेदार लोग इस्तीफा नहीं दे रहे
उन्होंने देश के राजनीतिक इतिहास की कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि “1956 और 1999 में नीतीश कुमार के इस्तीफे से देश ने कोई सबक नहीं लिया, न ही 2008 के मुंबई हमलों के बाद शिवराज सिंह पाटिल के इस्तीफे से। अगर नए भारत में जिम्मेदार लोग इस्तीफा नहीं दे रहे तो शायद अब गैर-जिम्मेदार लोगों को ही इस्तीफा देना पड़े।”
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Jharkhand Politics : मंत्री ने केन्द सरकार पर उठाए सवाल
सुदिव्य सोनू ने यह भी कहा कि “इस स्थान पर भगवंत मान, ममता बनर्जी या हेमंत सोरेन भी हो सकते थे। सवाल किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का है।”
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उन्होंने केंद्र सरकार की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “अगर यह देश इतना संवेदनशील है और उसका नेतृत्व इतना सतर्क है, तो पहलगाम जैसे भीषण आतंकी हमले के बाद राष्ट्रीय शोक की घोषणा क्यों नहीं की गई?” मंत्री के इस बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।


















