रांची: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में आयोजित प्री-बजट चर्चा में झारखंड की टीम राजस्थान के जैसलमेर पहुंच चुकी है। इस दौरान वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और वित्त विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार ने राज्य सरकार के पक्ष को रखा। इस बैठक के साथ ही जीएसटी काउंसिल की बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें झारखंड के वित्त विभाग के विशेष सचिव अमीत कुमार भी शामिल होंगे।
झारखंड सरकार ने केंद्रीय उपक्रमों पर बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि की मांग की है, जो जमीन अधिग्रहण और खनन कार्यों से संबंधित है। इस बकाये में विभिन्न मदों का विवरण इस प्रकार है:
- धुले हुए कोयले पर रॉयल्टी बकाया: 2900 करोड़ रुपये
- कामन काउज केस के फैसले के आधार पर बकाया: 32000 करोड़ रुपये
- राज्य सरकार की जमीन अधिग्रहण के एवज में बकाया: 1,01,142 करोड़ रुपये
- कुल बकाया: 1,36,042 करोड़ रुपये
झारखंड सरकार का कहना है कि इन बकायों के भुगतान से राज्य को आर्थिक नुकसान की भरपाई होगी, जो विशेष रूप से खनन कार्य के कारण हुआ है। इस अवसर पर राज्य सरकार की पुरानी मांगें भी एक बार फिर से उठाई जाएंगी।


















