जेपीएससी भर्ती परीक्षा गड़बड़ी मामले में CID ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पोड़ैयाहाट से मनोज तिवारी पकड़ा गया, घर से 5 लाख रुपये बरामद। जानें किस पर क्या आरोप हैं।
JPSC Scam रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी मामले में सीआईडी और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को सीआईडी ने इस मामले में केस दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा आयोजित करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी तथा कर्मचारी मो. उस्मान और मो. एबाद शामिल हैं। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

JPSC Scam:पोड़ैयाहाट से मनोज तिवारी की गिरफ्तारी, घर से मिले 5 लाख रुपये
सीआईडी ने टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी को गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट स्थित एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसके ठिकाने की तलाशी ली गई, जहां से पांच लाख रुपये नकद बरामद हुए। एजेंसी अब इस रकम के स्रोत और परीक्षा गड़बड़ी से उसके संबंधों की भी जांच कर रही है।
Key Highlights
जेपीएससी भर्ती परीक्षा गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पोड़ैयाहाट से गिरफ्तार मनोज तिवारी के घर से पांच लाख रुपये बरामद हुए।
जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह भी गिरफ्तार।
टीडीपीएल के दो कर्मचारियों पर ओएमआर शीट और सर्वर में हेरफेर का आरोप।
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
JPSC Scam:किस आरोपी पर क्या है आरोप
सीआईडी की शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं।
- श्वेता गुप्ता (उप परीक्षा नियंत्रक, जेपीएससी): टीडीपीएल के साथ कथित साठगांठ, बिना टेंडर प्रक्रिया के एजेंसी को काम दिलाने की फाइल आगे बढ़ाने तथा प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट की सुरक्षा एवं निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप।
- रामवीर सिंह (निदेशक, टीडीपीएल): उत्तर प्रदेश की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में विवादित रिकॉर्ड होने के बावजूद जेपीएससी का टेंडर हासिल करने और आयोग के अधिकारियों से कथित संबंध रखने की जांच की जा रही है।
- मनोज कुमार तिवारी (मार्केटिंग मैनेजर, टीडीपीएल): परीक्षा एजेंसी में शीर्ष पद पर रहते हुए फर्जी तरीके से परीक्षाओं में शामिल होने, अपनी ओएमआर शीट में कथित हेरफेर कर जेएसएससी सीजीएल, जेपीएससी एसीएफ और एमआरओ समेत चार प्रमुख परीक्षाओं में सफलता हासिल करने का आरोप।
- मो. उस्मान (कर्मचारी, टीडीपीएल): ओएमआर शीट स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग और ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग के दौरान सर्वर एवं डेटाबेस में कथित छेड़छाड़ करने का आरोप।
- मो. एबाद (कर्मचारी, टीडीपीएल): प्रश्नपत्रों की प्रिंटिंग, ओएमआर शीट के रखरखाव और चयनित अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट में कथित हेरफेर में सहयोग करने का आरोप।
JPSC Scam:जांच के दायरे में कई और पहलू
सीआईडी अब इस पूरे मामले में परीक्षा प्रक्रिया, टेंडर आवंटन, ओएमआर शीट की सुरक्षा, सर्वर संचालन और एजेंसी के अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस कथित परीक्षा घोटाले में अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता तो नहीं थी। आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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