रांची: JSSC CGL परीक्षा घोटाले की जांच की दिशा अब बदल गई है। इस मामले की जांच अब सीआईडी के डीएसपी दिलीप खलखो को सौंपी गई है। पूर्व जांच अधिकारी डीएसपी रवींद्र सिंह लंबे अवकाश पर चले गए हैं, जिसके बाद जांच की कमान नए अधिकारी को दी गई है।
सीआईडी ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जबकि पूरक चार्जशीट 25 मई से पहले दायर की जाएगी। इसमें मुख्य साजिशकर्ता संदीप त्रिपाठी, असम राइफल का जवान रामनिवास राय, उसके भाई निवास राय, निलंबित आईआरबी जवान कृष्णा कुमार, कृष्णा स्नेही और रॉबिन कुमार समेत अन्य के नाम शामिल होंगे।
जांच एजेंसी ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) को भेजे थे, जिनमें व्हाट्सएप चैट्स और हस्तलिखित प्रश्नपत्र की तस्वीरें बरामद हुई हैं। इन साक्ष्यों को पीडीएफ के रूप में सुरक्षित रखा गया है और इन्हीं के आधार पर पूरक चार्जशीट की तैयारी चल रही है।
इस घोटाले से जुड़ी जांच में सीआईडी ने पहले ही चार अहम गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं। मोबाइल डेटा और फॉरेंसिक रिपोर्ट से संभावना जताई जा रही है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही लीक कर दिए गए थे और उन्हें फोटो खींचकर शेयर किया गया। हालांकि मामले की जांच के बाद ही पूरा मामला सबके सामने आएगा।


















