कोलकाता : प्राइवेट स्कूलों को हाईकोर्ट से झटका- कलकत्ता हाईकोर्ट ने
महानगर के जीडी बिरला स्कूल सहित अन्य निजी स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि
किसी छात्र की फीस बकाया होने पर भी उसे स्कूल आने से रोका नहीं जा सकता है.
कानून व्यवस्था का हवाला देकर स्कूल को बंद भी नहीं रखा जा सकेगा.
न्यायाधीश इंद्रप्रसन्न मुखोपाध्याय और न्यायाधीश मौसूमी भट्टाचार्य की खंडपीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया.
145 प्राइवेट स्कूलों के लिए जारी हुआ आदेश
कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश इंद्रप्रसन्न मुखोपाध्याय और न्यायाधीश मौसूमी भट्टाचार्य की
खंडपीठ ने जीडी बिरला स्कूल सहित तीन स्कूलों के खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना का आरोप लगाते हुए दायर की गयी याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया. गौरतलब है कि जस्टिस आइपी मुखोपाध्याय के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने महानगर के 145 निजी स्कूलों की बकाया फीस से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष अधिकारी की नियुक्ति की है, जो छह जून तक अपनी रिपोर्ट जमा करेंगे.
स्कूल प्रबंधन ने जारी किया था नोटिस
जीडी बिरला स्कूल प्रबंधन की तरफ से नोटिस जारी कर कहा गया था कि जिन छात्रों ने बकाया फीस का भुगतान किया है, सिर्फ उन्हें ही क्लास करने की अनुमति दी जायेगी. इस नोटिस के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गयी थी. अभिभावकों ने इस आदेश के खिलाफ स्कूल के सामने प्रदर्शन भी किया.
स्कूल को फिर से किया गया शुरू
इसके बाद प्रबंधन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए स्कूल को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी. हालांकि, बाद में स्कूल को फिर से शुरू किया गया है. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि छात्रों को स्कूलों में जाने से रोका नहीं जा सकता.

















