मौलाना महमूद मदनी के बिगड़े बोल ‘ जब जब जुल्म होगा, तब तब होगा जिहाद’ , सुप्रीम कोर्ट पर भी साधा निशाना
22 Scope News Desk : जमीयत उलेमा ए हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने जिहाद शब्द को लेकर उठाये सवालों पर आपत्ति जताई है। गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में उन्होंने कहा कि जिहाद और इस्लाम के दुश्मनों ने जिहाद जैसे इस्लाम के पवित्र विचारों को गलत इस्तेमाल कर गड़बड़ी और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है।
सरकार और मीडिया के जिम्मेदार भी बराबर के दोषी है
मौलाना ने कहा थूक जिहाद, लव जिहाद,एजुकेशन जिहाद और लैंड जिहाद जेसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को दुख पहुँचाया जा रहा है और उनके धर्म का अपमान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल करते है। इस तरीके से पूरे समुदाय को चोट पहुँचाने का काम करते हैं। मौलाना ने इस दौरान विवादित टिप्पणी करते हुये कहा कि जब जब जुल्म होगा, तब तब होगा जिहाद ।
एक समुदाय विशेष के खिलाफ चल रही मुहिम
मौलाना ने कहा कि देश की मौजूदा स्थिति बहुत खराब है और एक समुदाय विशेष को कानूनी और आर्थिक रूप से अलग थलग कर कमजोर और बेदखल किया जा रहा है। उनके वजूद तो खत्म करने के लिये तरह तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे है।
मुसलमान खुद को असुरक्षित महसुस कर रहा है
मौलाना ने कहा कि इस स्थिति में देश का मुसलमान खुद को असुरक्षित महसुस कर रहा है। हमें कदम कदम पर नफरतों का सामना करना पड़ रहा है। यह दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाया सवाल
मौलाना ने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया और कहा कि इंसाफ के बिना अपराध मुक्त समाज की कल्पणा नही हो सकती है। उन्होंने अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कहलाने का हकदार नही है।
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