रांची: झारखंड में लंबे इंतजार के बाद मानसून के प्रवेश की उलटी गिनती शुरू हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, एक-दो दिन में मॉनसून झारखंड में दस्तक दे सकता है। इसके साथ ही अगले चार दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के प्रभारी निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि फिलहाल मानसून पश्चिम बंगाल तक पहुंच चुका है और हवा के अनुकूल रुख के चलते यह जल्द ही झारखंड और बिहार में प्रवेश कर सकता है। विभाग ने साफ किया है कि 17 और 18 जून को राज्य के कई जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जिलेवार बारिश और अलर्ट की स्थिति:
16 जून (येलो अलर्ट – भारी बारिश): रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम
17 जून (ऑरेंज अलर्ट – अति भारी बारिश): गुमला, सिमडेगा, खूंटी
17 जून (येलो अलर्ट – भारी बारिश): रांची, लोहरदगा, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम
18 जून (ऑरेंज अलर्ट – अति भारी बारिश): कोडरमा, हजारीबाग, गिरिडीह, बोकारो
18 जून (येलो अलर्ट – भारी बारिश): चतरा, पलामू, लातेहार, देवघर, जामताड़ा, धनबाद
19 जून (येलो अलर्ट – भारी बारिश): हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 17 और 18 जून को सतर्कता बरतने की अपील की है, जब राज्य के दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी जिलों में अति भारी वर्षा का अनुमान है। वहीं, 16 और 19 जून को भी भारी बारिश की आशंका के मद्देनज़र येलो अलर्ट जारी किया गया है।
चेतावनी और सलाह:
निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है
कृषि कार्यों और निर्माण गतिविधियों को फिलहाल स्थगित रखने की सलाह
प्रशासन को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रहने की आवश्यकता
राज्य के लिए यह वर्षा जहां मानसून की औपचारिक शुरुआत का संकेत है, वहीं किसानों के लिए राहत भी लेकर आएगी। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आने की संभावना है, वहीं जल स्रोत भी पुनः भर सकेंगे।


















