जमशेदपुर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष 2025 बैच के नामांकन के दौरान दो छात्रों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। कॉलेज प्रशासन को इन दोनों मामलों में जाति संबंधी गंभीर विसंगतियां मिली हैं।
पहला मामला 2025 बैच की एक छात्रा से जुड़ा है। प्राचार्य डॉ. दिवाकर हांसदा ने इस पर झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा (JCECE) बोर्ड, रांची को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख है कि छात्रा के अलग-अलग दस्तावेजों में विभिन्न श्रेणियां दर्ज हैं।
नीट-यूजी 2025:
जानकारी के अनुसार, नीट-यूजी 2025 के एडमिट कार्ड और स्कोर कार्ड में छात्रा की श्रेणी SC दर्ज है, जबकि JCECE बोर्ड के एलॉटमेंट लेटर में उसे ST श्रेणी की सीट आवंटित हुई है। इतना ही नहीं, दाखिले के दौरान प्रस्तुत गिरिडीह के सीओ कार्यालय द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र में भी उसकी श्रेणी ST दर्शाई गई है।
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि एक ही छात्रा की अलग-अलग श्रेणियों में पहचान होना संदिग्ध है और जांच जरूरी है।
दूसरा मामला 2023 बैच के एक छात्र से जुड़ा है, जो गिरिडीह का ही रहने वाला है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, उस छात्र के दस्तावेजों में भी गड़बड़ी मिली है, जो 2025 बैच की छात्रा के मामले से मेल खाती है। फिलहाल दोनों मामलों की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
















