रांची. टाटीसिलवे के ईईएफ मैदान में 15 से 22 फरवरी तक श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन होने वाला है। प्रख्यात कथावाचक इंद्रेश जी उपाध्याय 8 दिन तक भागवत प्रेमियों काे भागवत के सभी प्रसंगों का उल्लेख कर श्रद्धालुओं का आनंदित करेंगे। सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन को लेकर आयोजन समिति के कार्यालय में प्रेसवार्ता कर तैयारियों की जानकारी दी गई।
अध्यक्ष रासेश्वर नाथ मिश्र ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा आयोजन समिति टाटीसिलवे द्वारा तीसरी बार कथा का आयोजन किया जा रहा है। इससे पूर्व में 2014 व 2016 में कथा का आयोजन किया जा चुका है। इस बार विश्व प्रसिद्ध कथावाचक के श्रीमुख से भागवत प्रेमी कथा का अमृतपान करेंगे। रासेश्वर नाथ मिश्र ने बताया कि कथा के आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी हो गई है। पंडाल निर्माण कार्य अंतिम रूप ले रही है। कथा स्थल पर ही भव्य मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है, यहां 8 दिन भगवान विराजमान रहेंगे। कथा में आने वाले श्रद्धालु मंदिर में भगवान का दर्शन कर सकेंगे। 15 से 22 फरवरी तक कथा दोपहर 3 बजे से शुरू होगी। कथा के दौरान हर दिन कथा के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद का वितरण किया जाएगा। आठों दिन अलग-अलग तरह के प्रसाद भोग का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा भक्तिपाठ यूट्यूब चैनल में कथा का लाइव प्रसारण होगा। कथा के मुख्य संरक्षक राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ हैं।
10 हजार लोग पंडाल में बैठकर सुन सकेंगे कथा
आयोजन समिति के सचिव मनोरंजन मिश्र ने बताया कि पंडाल का निर्माण बड़े आकार में कराया जा रहा है। पूर्व के आयोजनों में अत्याधिक भीड़ को ध्यान में रखते हुए इस बार पंडाल में 10 हजार से ज्यादा लोगों के बैठकर कथा सुनने की व्यवस्था की गई है। पूरे आयोजन के दौरान 100 कार्यकर्ता, लगभग 30 पुलिस बल, 14 सिक्युरिटी गार्ड, 25 सीसीटीवी कैमरा और साक्षात हनुमान जी कथा आयोजन के लिए सुरक्षा के अधिकारी के रूप में होंगे। स्टेज की दोनों ओर 2 एलईडी के साथ पंडाल में कुल 6 एलईडी स्क्रीन होगा, पंडाल के बाहर परिसर में भी 2 एलईडी साउंड सिस्टम के साथ लगाया जाएगा, ताकि बाहर से भी लोग कथा का अमृतपान कर सकेंगे।
विशाल कलश यात्रा में शामिल होंगी 2100 महिलाएं
कोषाध्यक्ष उमेश प्रसाद ने बताया कि कथा से पूर्व 14 फरवरी को विशाल कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा कथा स्थल से निकलकर स्वर्णरेखा नदी तक जाकर वापस कथा स्थल लौटेगी। कलश यात्रा में तय की जाने वाली दूरी 3.2 किलोमीटर के करीब होगी। इसमें शामिल होने वालों को 14 फरवरी सुबह 7 बजे कथा स्थल (ब्रज धाम) में पहुंचना अनिवार्य होगा। 2100 कलश यात्रियों का निबंधन कार्य प्रगति पर है। कलश यात्रा के लिए कुल 7 खंड में 300-300 की संख्या में महिलाएं यात्रा में शामिल रहेंगी।
कलश यात्रा के लिए लाया गया है 27 तीर्थाें का पवित्र जल
श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व कलश यात्रा इसलिए भी खास होगा क्योंकि इसके लिए त्रिवेणी संगम, सरयू, गंगोत्री, यमुनोत्री, राधा कुंड (गोवर्धन) और नंदीग्राम अयोध्या से 27 तीर्थों का जल कलश यात्रा के लिए लाया गया है। कलश यात्रियों के संग चलने के लिए 150 ध्वज होगा, जिसे कार्यकर्ता लेकर चलेंगे। 8 तरह के वाद्य यंत्र के बीच विहंगम कलश यात्रा आयोजन की शोभा बढ़ाएगी। इसके अलावा कलश रखने के लिए कलश गृह बनवाया जा रहा है।
थैलेसिमिक बच्चों के लिए रक्तदान का भी आयोजन
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रतिदिन कथा स्थल पर ब्लड डोनेशन कैंप का भी आयोजन किया जाएगा। यह रक्तदान शिविर थैलेसिमिया, सिकल-सेल-एनिमिया, हिमोफिलिया जैसे रोग से पीड़ित जरूरतमंदों के लिए लगाया जाएगा। कथा में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं से आयोजन समिति ने आग्रह किया है कि कथा सुनने जरूर आएं और जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर पुण्य के भागी बनें।


















