धनबाद : विश्व बैंक सम्पोषित योजना से प्रोत्साहन राशि की मांग, फुटपाथ दुकानदारों ने किया अनशन- शहरी क्षेत्र में
फुटपाथ दुकान चलाकर रोजी-रोटी उत्पादन करने वाले दुकानदारों को
विश्व बैंक संपोषित योजनाओं से प्रोत्साहन राशि मिले,
इसको लेकर दलित सेना के बैनर तले गुरुवार को जिला मुख्यालय रणधीर वर्मा चौक पर
एक दिवसीय अनशन रखा गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार पासवान ने किया.
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से
गरीब व दलितों के लिए योजना बनता है, लेकिन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती है.
जिसका उदाहरण कांको बिनोद बिहारी चौक गोल बिल्डिंग भाया मेमको मोड़ पथ विस्तारीकरण है. वहां प्रभावितों के लिए पुर्नवास एवं पुनर्स्थापन हेतु तय पॉलिसी के तहत झारखंड राज्य राजमार्ग रांची द्वारा (धनबाद) जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को 7 करोड़ रुपया उपलब्ध कराया गया था. लेकिन भ्रष्ट तंत्र व लालफीताशाहियों ने इन राशि का बंदरबांट कर गरीब प्रभावितों को फटेहाल छोड़ दिया.
गरीबों के बीच रोजी-रोटी की समस्या
जिनके कारण इन गरीबों के बीच रोजी-रोटी की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है. एक ओर जिला प्रशासन का कहना है कि वैसे व्यक्ति को मार्च 2017 से ही पथ के राइट ऑफ वे में है. उन्हीं व्यक्तियों को पुर्नवास एवं पुन्स्थापन का लाभ मिलेगा. लेकिन भ्रष्टाचार का आलम यह है कि फुटपाथ पर जीवनयापन कर रहे लोगों को वर्ष 2013 से ही पथ अवर प्रमंडल संख्या-1 द्वारा नोटिस दिया जा रहा था. ऐसे दर्जनों नोटिसधारी फुटपारथी दुकानदार हैं, जिनका फिलहाल दुकान तो तोड़ दिया गया. जिसका अभी भी कुछ अवशेष फुटपाथ पर ही पड़ा हुआ है.
उन्होंने कहा कि दलालों के माध्यम से प्रभावितों की फर्जी सूची बनाई गई. फर्जी तरीके से लाखों का गबन भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा कर लिया गया. जो झुग्गी झोपड़ी डालकर शराब बेचा करते थे. वैसे लोगो को 5,00,000/-रूपये से ऊपर की राशि केवल कमीशनखोरी के चलते दिया गया. जबकि वास्तविक प्रभावितों को इस योजना से वंचित कर दिया गया. जिसके कारण फुटपाथी दुकानदारों में जहां जिला प्रशासन के प्रति असंतोष है. इसलिए धनबाद जिला दलित सेना एकदिवसीय अनशन के माध्यम से इस विषय के उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है.
रिपोर्ट: राजकुमार जायसवाल


















