झारखंड सरकार ने सरकारी स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स को पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला लिया है। 10वीं और 12वीं में इसे वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
Physical Education Update रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब खेलकूद केवल सह-पाठ्यक्रम गतिविधि नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव करते हुए फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (शारीरिक शिक्षा एवं खेल) को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है। सरकार स्तर पर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही राज्यभर के स्कूलों में इसकी पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। साथ ही खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
Physical Education Update:खेल शिक्षकों की भूमिका होगी और महत्वपूर्ण
अब तक झारखंड के सरकारी स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स औपचारिक रूप से पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं था। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में राज्य के हाईस्कूलों में लगभग 1000 खेल शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।
विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद इन शिक्षकों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। विद्यार्थियों को अब खेल, फिटनेस, स्वास्थ्य, अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों की व्यवस्थित शिक्षा मिल सकेगी। इसके अलावा खेल के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में भी छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
Key Highlights
सरकारी स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय
10वीं और 12वीं कक्षा में वैकल्पिक विषय के रूप में होगी पढ़ाई
राज्य में पहले ही करीब 1000 खेल शिक्षकों की हो चुकी है नियुक्ति
थ्योरी 70 और प्रैक्टिकल 30 अंकों का होगा मूल्यांकन
कक्षा 1 से 12वीं तक के लिए अलग-अलग गाइडलाइन तैयार
Physical Education Update:10वीं और 12वीं में वैकल्पिक विषय के रूप में होगी पढ़ाई
स्कूली शिक्षा विभाग के अनुसार हाईस्कूल और प्लस टू स्तर पर फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। इस विषय में कुल 100 अंकों का मूल्यांकन होगा, जिसमें 70 अंक सैद्धांतिक परीक्षा और 30 अंक प्रायोगिक परीक्षा के लिए निर्धारित किए गए हैं।
उत्तीर्ण होने के लिए विद्यार्थियों को थ्योरी में 70 में से कम से कम 23 अंक और प्रैक्टिकल में 30 में से कम से कम 10 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। दोनों खंडों में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी रहेगा।
Physical Education Update:कक्षा 1 से 12वीं तक बनेगी खेल गतिविधियों की रूपरेखा
राज्य सरकार ने केवल माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर ही नहीं, बल्कि कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग स्तर की खेल गतिविधियों और शारीरिक शिक्षा की विस्तृत रूपरेखा तैयार की है।
इसे लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना ने मार्गदर्शिका सह हस्तपुस्तिका तैयार की है। यह गाइडलाइन अगले सप्ताह तक राज्य के सभी जिलों को भेज दी जाएगी। इसके आधार पर स्कूलों में नियमित खेल गतिविधियां, फिटनेस कार्यक्रम और खेल प्रशिक्षण संचालित किए जाएंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से विद्यार्थियों में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और राज्य को भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में मदद मिलेगी।
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