ग्रामीण इलाकों के स्कूलों का खस्ता हाल, विद्यालय के बजाय पेड़ के नीचे पढ़ रहे हैं बच्चे

मोतिहारी : बिहार की सरकार बेहतर शिक्षा को लेकर करोड़-अरबों रुपए की राशि खर्च कर बड़े पैमाने पर बीपीएससी शिक्षकों की बहाली की है लेकिन अभी भी ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर की घोर कमी दिख रही है। पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन प्रखंड के बाजितपुर मनियारपुर गांव में एक ऐसा अनोखा स्कूल है। जिसका न तो अपना कोई भवन है न ही कोई पठन पाठन की व्यवस्था है। बल्कि स्कूली बच्चे सड़क के किनारे खटाल के बीच गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर है।

बीपीएससी से बहाल शिक्षक भी सरकार से स्कूल के भवन बनाने का गुहार लगा रहे हैं। सरकार ने हर स्कूल में बेहतर स्कूल भवन, बेंच और डेस्क की व्यवस्था की है। लेकिन मनियापुर नवसृजित विद्यालय आंगनबाड़ी के कृपा पात्र से एक भवन में संचालित हो रहा है। वहीं छात्रों को जगह के अभाव में बच्चे सड़क के किनारे पढ़ रहे हैं। शिक्षक सचिन कुमार, रामजी कुमार, कुंदन कुमार और छात्र राहुल कुमार ने कहा कि बाहर सड़क के किनारे पढ़ाने के दौरान कई बार जहरीले सांप और बिच्छू निकल आए हैं और किस तरह हम सभी की जान बची है।

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वहीं सड़क के किनारे बच्चों को पढ़ाने के कारण हमारी जान भी जोखिम में पड़ा है। इसलिए सरकार को पहल कर स्कूल की भवन बनानी चाहिए। कई बार अधिकारी से गुहार लगाने के बावजूद कोई पहल नहीं हो सकी है। हम सब ने उम्मीद छोड़ दी हैं। भगवान भरोसे पढ़ाई करवा रहे हैं। वहीं छात्रों को भी सड़क के किनारे पढ़ने में डर लग रहा है।

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सोहराब आलम की रिपोर्ट

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