पटना : देश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) शासनकाल के 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को दशकों पीछे धकेलने का काम किया है। आज जब भाजपा इसे उपलब्धियों का 12 वर्ष बताते नहीं अघा रही है तो यह जरूरी है कि हम पिछले 12 वर्षों के मोदी काल के विनाश को आप सबके बीच उजागर करें। वें इसे उपलब्धियों को अमृतकाल बता रहे हैं लेकिन देश की आम जनता, छात्र, नौजवान, किसान और महिलाएं विष पीने को मजबूर हैं। ये बातें आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने कही।
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा- PM के रूप में नरेंद्र मोदी ने जो देश के विकास को अवरुद्ध कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमें कमजोर किया है
प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने जो देश के विकास को अवरुद्ध कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमें कमजोर किया है उसका कुछ उदाहरण आप सबके सामने पेश कर रहा हूं। बेरोज़गारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को सपने बेचकर सत्ता में आई इस सरकार ने 2014 में वादा किया था हर साल दो करोड़ नौकरियां देंगे लेकिन 12 साल में एक बार भी इस लक्ष्य को यह सरकार छू नहीं सकी। देश में अब तक के सबसे ज्यादा युवा बेरोजगारी के स्तर को मोदी सरकार ने पहुंचाया है। CMIE 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार 45.4 फीसदी युवा बेरोज़गार हैं। PLFS 2017-18 के आंकड़ों के अनुसार, इस सरकार ने 45 साल की सबसे ऊंची दर 6.1 फीसदी पर युवा बेरोजगारी दर पहुंचा चुकी है।

2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा इस सरकार ने करके खूब वाहवाही लूटी थी – राजेश राम
उन्होंने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा इस सरकार ने करके खूब वाहवाही लूटी थी लेकिन हकीकत में एनसीआरबी के 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 10,546 किसानों ने आत्महत्याएं की है जो कहीं से कम नहीं हुई है। C2 एमएसपी की बात इस सरकार ने किसानों के लिए कही थी लेकिन अभी भी उन्हें यह नहीं मिली। महंगाई को कम करने दावे वादों के बीच लोकलुभावन घोषणाएं सभी को याद होंगी लेकिन अब वें यादों में ही रह गई हैं। अच्छे दिन आने वाले हैं का वादा करके देश को सबसे बुरे दिन में पहुंचा दिया गया। घरेलू सिलेंडर जो 2014 में जहां 410 वो आज 2026 में 1100 से ज्यादा हो चुका है। पेट्रोल और डीजल जहां 100 पार कर चुका है ऐसे में आम इंसान कैसे महंगाई से बचा, यह सरकार को बताना चाहिए।
‘नोटबंदी से काला धन खत्म करने की वकालत करने वाले PM ने नोटबंदी थोपा व उस नोटबंदी के कारण कितने छोटे व्यवसायी और आम जनता की कमर टूट गई’
राजेश राम ने कहा कि नोटबंदी से काला धन खत्म करने की वकालत करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी थोपा और उस नोटबंदी के कारण कितने छोटे व्यवसायी और आम जनता की कमर टूट गई, जो अब तक संघर्ष करते नजर आते हैं। कहा गया कि नोटबंदी से आतंक और आतंकियों की फंडिंग रुकेगी जबकि 99.3 फीसदी नोट वापस आरबीआई को वापस आ गए और आतंकी घटनाओं में कोई कमी नहीं आई। उल्टे यह बढ़ते ही गए। नोटबंदी से 15 लाख नौकरियां चली गई और देश की जीडीपी में दो फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। स्वास्थ्य सेवाओं पर 2025 तक जीडीपी का 2.5 फीसदी स्वास्थ्य पर खर्च की बात थी लेकिन 2025-26 में केवल 1.9 फीसदी तक ही खर्च हो रही है। कैग की रिपोर्ट में बिहार को स्वास्थ्य सेवाओं में फिसड्डी राज्य घोषित किया गया लेकिन सरकार ने अब तक हमारे राज्य का भी ख्याल नहीं रखा।
आम व्यापारियों को कभी नोटबंदी तो कभी GST थोपकर तो कभी सोना नहीं खरीदने की अपील करके मोदी सरकार ने बर्बाद करने का काम किया है – राजेश राम
वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि आम व्यापारियों को कभी नोटबंदी तो कभी जीएसटी थोपकर तो कभी सोना नहीं खरीदने की अपील करके नरेंद्र मोदी सरकार ने बर्बाद करने का काम किया है। छोटे व्यापारियों के लिए यह सरकार तानाशाही रवैया अपनाती है लेकिन बड़े व्यापारिक घरानों में अपने मित्र अदाणी और अंबानी सहित अन्य के लिए नियमों को ताक पर रखकर मदद करती है। शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर इस सरकार ने स्किल इंडिया के तहत 40 करोड़ लोगों को कौशल योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया लेकिन 2024 तक स्नातकों में 17.31 फीसदी बेरोज़गारी दर दर्ज हुई जो इस महत्वाकांक्षी योजना को भी फिसड्डी साबित करती है। नई शिक्षा नीति को 2020 में यह सरकार लांच करती है जो अब तक आधी अधूरी और असमंजस में घिरी नजर आती है।

12 वर्षों के शासन काल में 89 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक इस सरकार में हुए – राजेश राम
वहीं लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि 12 वर्षों के शासन काल में 89 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक इस सरकार में हुए जिसमें अकेले मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में ही चार बार पेपर लीक हुए। सीबीएसई के स्कूली परीक्षा में गड़बड़ी की देश के इतिहास में पहली घटना भी इसी मोदी सरकार में सुनने और देखने को देशवासियों को मिली। बिहार में बीपीएससी, एईडीओ समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकानों के निर्माण में देरी हुई जबकि इसके लक्ष्य को 2022 में ही पूरा करने की बात कही गई लेकिन राज्यांश बेहद धीमे और कम राशि जारी किया गया। यह योजना अब भी पूरी तरीके से लागू फंड के कमी से नहीं हो पा रही है।
‘मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार सुदृढ़ करने की कांग्रेस की UPA सरकार के योजना के बजट में इस सरकार ने 32 फीसदी कटौती की घोषणा वर्ष 2023-24 में कर दी’
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत ग्रामीण रोजगार सुदृढ़ करने की कांग्रेस की यूपीए सरकार के योजना के बजट में इस सरकार ने 32 फीसदी कटौती की घोषणा वर्ष 2023-24 में कर दी। 12,219 करोड़ रुपए मजदूरी अब तक इस योजना का मोदी सरकार ने बकाया रखा है। जो इस सरकार को मजदूर विरोधी भी साबित करती है। सबका साथ, सबका विकास का जुमला देने वाली इस सरकार में सीएसएसएस के आंकड़े के अनुसार, 2024 में 84 फीसदी अधिक दंगे दर्ज हुए जिसमें अकेले मणिपुर में 258 मौतें हुई और 60 हजार लोगों को इन दंगों के कारण विस्थापित होना पड़ा।
भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कांग्रेस ने बनाया लेकिन मोदी सरकार ने प्रेस स्वतंत्रता का गला घोंट दिया – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कांग्रेस ने बनाया लेकिन मोदी सरकार ने प्रेस स्वतंत्रता का गला घोंट दिया और आज 2026 में प्रेस स्वतंत्रता में हम 180 देशों की सूची में 157वें स्थान पर हैं। वहीं भूख एवं पोषण पर उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा मजबूत करने का दावा करने वाली यह सरकार जीएचआई 2025 के आंकड़ों के अनुसार 123 देशों में 102 वें स्थान के निम्न स्तर पर है। बच्चों में स्टनिंग का प्रतिशत 35.5 फीसदी पहुंच चुका है।

WEF-2025 के आंकड़ों के अनुसार, 148 देशों की सूची में 131वें स्थान पर है
महिला सम्मान को इस सरकार ने ताक पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली यह सरकार डब्ल्यूईएफ-2025 के आंकड़ों के अनुसार, 148 देशों की सूची में 131वें स्थान पर है। देश के संसद में महिलाओं की भागीदारी मात्र 13.8 फीसदी है। ईडी जैसी संस्थाओं के पारदर्शिता का दावा करने वाली यह सरकार 193 नेताओं पर ईडी का रेड करवाती है लेकिन दोषी उनमें से केवल दो ही होते हैं जबकि 86 गुना ज्यादा छापे मारे जाते हैं। यह विपक्ष के नेताओं को डराने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
राजेश राम ने कहा- मोदी सरकार के 12 वर्षों के विनाश काल की पहचान है
युवा बेरोजगारी, किसानों की समस्या, महंगाई, नोटबंदी से उपजी समस्याएं, स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, व्यवसाय में छोटे व्यापारियों की बदतर स्थिति, शिक्षा व्यवस्था के साथ सौतेला व्यवहार, लगातार हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक, मनरेगा के बजट में कटौती, दंगे की घटनाओं में वृद्धि, प्रेस स्वतंत्रता में भारत की गिरती साख, भूख एवं पोषण में पिछड़ता देश, महिला सम्मान को ताक पर रखना और ईडी जैसी संस्थाओं के दुरूपयोग के लिए इस मोदी सरकार के 12 वर्षों के विनाश काल की पहचान है। संवाददाता सम्मेलन में बिहार मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, पंकज यादव, प्रेमचंद सिंह और रवि कुमार मौजूद रहें।
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