Ranchi ACB की disproportionate assets case जांच में फ्लैट सौदे का खुलासा हुआ। 43 लाख में खरीदा फ्लैट 75 लाख में बेचा गया, money trail जांच जारी।
Ranchi ACB Probe रांची: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने से जुड़े मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच में लगातार नये खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान सामने आया है कि प्रियंका त्रिवेदी ने वर्ष 2017 में 43 लाख रुपये में एक फ्लैट खरीदा था, जिसे वर्ष 2023 में 75 लाख रुपये में बेच दिया गया। यह सौदा अब disproportionate assets case के तहत ACB की जांच के दायरे में है।
Key Highlights
• ACB जांच में फ्लैट खरीद-बिक्री में बड़ा अंतर सामने आया
• 43 लाख में खरीदा गया फ्लैट 75 लाख में बेचा गया
• Disproportionate assets case में money trail का पता नहीं
• Ranchi ACB ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए
• Income source को लेकर जांच जारी
ACB के अनुसार, प्रियंका त्रिवेदी ने अप्रैल 2017 में रांची के न्यू नगर टोली स्थित मुकुंद अपार्टमेंट में यह फ्लैट खरीदा था। फ्लैट की खरीद सरदार सुरेंद्र सिंह से की गई थी। प्रियंका त्रिवेदी, शराब घोटाला केस में निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी की पत्नी हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि वर्ष 2023 में यही फ्लैट विनय चौबे के करीबी कारोबारी विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह को बेचा गया। फ्लैट खरीदने के लिए स्निग्धा सिंह ने प्रियंका त्रिवेदी को 75 लाख रुपये का भुगतान किया था। ACB इस पूरे लेन-देन की जांच money trail के दृष्टिकोण से कर रही है।
ACB को जांच में यह जानकारी भी मिली है कि वर्ष 2015 में प्रियंका त्रिवेदी के नाम पर लालगुटवा इलाके में छह डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। यह जमीन लाल प्रदीप कुमार सिंह से 12 लाख रुपये में खरीदी गई थी। हालांकि जांच एजेंसी को अब तक इस संपत्ति की खरीद में प्रयुक्त धन के स्रोत की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
जांच के दौरान ACB ने फ्लैट और जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज हासिल कर लिए हैं, लेकिन संपत्ति अर्जन में इस्तेमाल की गई रकम के स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी कारण ACB की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया और क्या यह घोषित आय के अनुरूप है।
ACB अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकार को सौंपा जाएगा। फिलहाल disproportionate assets case में जुड़े सभी लेन-देन और संपत्तियों की गहन जांच जारी है।


















