रांची: झारखंड सरकार राज्य में शराब कारोबार को लेकर बड़ा बदलाव करने जा रही है। नयी उत्पाद नीति जून से लागू की जायेगी, जिसके तहत शराब का खुदरा कारोबार निजी हाथों में चला जायेगा। वर्तमान में यह संचालन प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से झारखंड स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (JSBCL) द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, नयी नीति के लागू होने के बाद खुदरा दुकानों की बंदोबस्ती लॉटरी प्रणाली के माध्यम से की जायेगी।
इस संबंध में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने ई-लॉटरी के जरिये दुकानों का आवंटन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, जिसका परीक्षण अंतिम चरण में है। लॉटरी से दुकान की बंदोबस्ती की जायेगी, और एक संचालक को पूरे राज्य में अधिकतम 36 दुकानें मिल सकती हैं।
उत्पाद नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलना बाकी है, लेकिन वित्त और विधि विभाग से इसे पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। कैबिनेट की अगली बैठक में इसे स्वीकृति मिलने की संभावना जताई जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने और संकल्प जारी होने के 45 दिनों के भीतर इसे लागू कर दिया जायेगा, जिसके बाद 15 दिनों के भीतर दुकानों का आवंटन कर दिया जायेगा।
इस नयी नीति के तहत शराब पर वैट दरों में कमी की गयी है, जिससे विदेश में बनी विदेशी शराब और देशी शराब सस्ती होगी, जबकि पॉपुलर ब्रांड की शराब महंगी हो सकती है क्योंकि उत्पाद शुल्क और ट्रांसपोर्ट शुल्क में वृद्धि की गयी है।
हालांकि, थोक कारोबार अब भी JSBCL के नियंत्रण में रहेगा। नयी व्यवस्था से राज्य के स्थानीय शराब कारोबारियों को खुदरा दुकान संचालन का अवसर मिलेगा, जिसकी वे लंबे समय से मांग कर रहे थे।


















