Satire: देश सेवा में मुलायम परिवार ने लालू परिवार को पीछे छोड़ा।
लालू जी जहां पत्नी, बेटे बेटियों में ही टिकट बांटते रह गए वही अखिलेश यादव ने अपनी बेटी को
भी चुनाव प्रचार में उतार कर अपने देश प्रेम को दर्शाया। है।
कहां चूक हो गई यह लालू यादव और कांग्रेस पार्टी के लिए मंथन का विषय है.
लालू यादव जहाँ अपनी पत्नी, बेटे और बेटियों से ही देश सेवा करवा पा रहे है वही अखिलेश यादव एक
कदम आगे बढ़ कर अपनी बेटी को भी चुनाव प्रचार में उतार दिया है.
कांग्रेस- वाड्रा परिवार भी अभी तक राहुल और प्रियंका में ही अपना भविस्य तलाश रहा और वही कांग्रेस कार्यकर्ता
रेहान राजीव वाड्रा को देश सेवा में उतारने के लिए बेचैन है.

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यहाँ केवल एक परिवार का स्वार्थरहित देश सेवा इन परिवारों से आगे है.
और वह परिवार है DMK का करूणानिधि परिवार.
पहले M Karunanidhi ने कुछ दशको तक देश सेवा की , फिर उनके बेटे M. K. Stalin बागडोर संभाल लिए
और देश सेवा ज्यादा हो इसके लिए किसी तरह अपने बेटे Udayanidhi Stalin को मना कर
उनको MLA बनाया और देश सेवा में लगा दिया.
निस्वार्थ देश सेवा में कुछ और खानदानो का समर्पण भी यहाँ उल्लेख के लायक है.
1. ठाकरे परिवार
2. अब्दुल्लाह परिवार
3. मायावती परिवार
4 . मुफ़्ती परिवार
5 . सोरेन परिवार
6 . चौटाला परिवार
7 . सिंधिया परिवार
8 . पायलट परिवार
9 . बादल परिवार
10 . देवेगौड़ा परिवार

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और कई ऐसे परिवार है जिनका इस लिस्ट में नाम छूट गया है , उनका योगदान किसी भी सूरत कम नहीं है.
इन नेताओ में देश सेवा इतना कूट कूट कर भरा है की चुनाव प्रचार में यह सार्वजनिक परिवहन जैसे चार्टर प्लेन, हेलीकाप्टर , लैंड रोवर , लैंड क्रूजर , वैनिटी बस जैसी सामान्य सवारी में सफर करते है और धुप, बरसात, धुल झेलते हुए इंतज़ार करते वोटरों से मिल कर वोट मांगते है ताकि वह निस्वार्थ भाव से देश सेवा कर पाए.
देश सेवा करते करते कई नेता जेल तक चले जाते है या फिर बेल पर बाहर रहते है.
वैसे केजरीवाल जी भी जब तिहाड़ गए तब भी उन्होंने गजब का देश प्रेम का परिचय देते हुए अपनी
अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को चुनाव प्रचार में उतार दिया था. यहां यह बताना भी जरूरी है की सुनीता जी
ने एक बार भी नही हिचकिचाई और कूद पड़ी देश और संविधान बचाने।
अभी केजरीवाल जी 1 जून तक बाहर है और फिर से उन्होंने देश और संविधान का बोझ अपने सर पर उठा लिया है.
सुनीता जी थोड़ा आराम कर सकती है। 2 जून से फिर से उन्हें ही AAP पार्टी की तरफ से देश
और संविधान बचाने का बेड़ा संभालना है. त्याग की भावना ही भारत को महान देश बनाता है। सालम इनको।
इन परिवार के सदस्यों में देश प्रेम इतना कूट कूट कर भरा है की यदि इनको अपने खानदानी पार्टी से किसी कारण टिकट नहीं मिलती है तो यह परिवार और पार्टी को छोड़ कर एकदम से विपरीत विचारधारा वाली पार्टी ज्वाइन कर लेते है और चुनाव लड़ते है.
इनके लिए पार्टी , परिवार कोई मायने नहीं रखती बस टिकट मिल जाए , चुनाव जीत जाये और देश सेवा में लग जाये यही इनकी दिल्ली इच्छा होती है.
यह लोग इतना ज्यादा देश सेवा करते है की पार्टी का झंडा धोने वाला आम कार्यकर्ता को कभी यह देस सेवा का मौका नहीं देते.
इनमे इतनी त्याग भावना है की सेवा केवल परिवार वालो को करने देते है. आम कार्यकर्ता से केवल यह झंडा ढुलवाते है.
इन परिवारों में यहाँ तक देखा गया ही देश सेवा के लिए बाप ने बेटे को पार्टी से निष्काषित कर दिया, बेटे ने बाप बीच सभा में बेइज्जत करके माइक छीन कर स्टेज से नीचे उतरवा दिया.
हाँ एक बात माननी पड़ेगी. यदि इनके परिवार के किसी सदस्य पर भ्रष्टाचार का मामला, आपराधिक मामला चलता है तो पूरा कुनबा एक हो जाता है. आखिर देश का सवाल जो है.
श सेवा में मुलायम परिवार ने लालू परिवार को पीछे छोड़ा। अखिलेश की बेटी भी चुनाव प्रचार करते दिखी।
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