लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव ने राज्यभर के क्षेत्रीय अभियंताओं के साथ की समीक्षा बैठक

पटना : लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर के सभी क्षेत्रीय अभियंताओं के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय एमआईएस पोर्टल के माध्यम से स्टोर, कॉन्ट्रैक्टर, सुपरवाइज़र एवं रिपेयर टीम मैपिंग की प्रगति, छुटे हुए टोलों में जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति और केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कक्ष (CGRC) के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में सर्वप्रथम विभागीय MIS पोर्टल के माध्यम से स्टोर, कॉन्ट्रैक्टर, सुपरवाइजर व मरम्मती दल मैपिंग की प्रगति की समीक्षा की गई

बैठक में सर्वप्रथम विभागीय एमआईएस पोर्टल के माध्यम से स्टोर, कॉन्ट्रैक्टर, सुपरवाइजर एवं मरम्मती दल मैपिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि अबतक राज्य के कुल 49 लोक स्वास्थ्य प्रमंडलों में कुल 674 इन्वेंट्री स्टोर्स की मैपिंग विभागीय एमआईएस पोर्टल पर पूर्ण की जा चुकी है। सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रत्येक प्रखंड में न्यूनतम एक इन्वेंट्री स्टोर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए व सभी स्टोर्स की जीआईएस आधारित मैपिंग अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए। समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव पंकज कुमार पाल, विशेष सचिव संजीव कुमार, अपर सचिव अरविंद कुमार, अभियंता प्रमुख-सह-विशेष सचिव नित्यानंद प्रसाद, अभय कुमार एवं विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

सभी सुपरवाइजर्स व रिपेयर टीमों के सही और सक्रिय संपर्क नंबर MIS पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं

कॉन्क्ट्रैक्टर एवं सुपरवाइजर मैपिंग की समीक्षा में बताया गया कि अबतक लगभग 3,300 कॉन्ट्रैक्टर्स और लगभग पांच हजार सुपरवाइजर्स को विभागीय एमआईएस पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। जिन प्रमंडलों में यह कार्य शेष है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर मैपिंग पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सभी सुपरवाइजर्स एवं रिपेयर टीमों के सही और सक्रिय संपर्क नंबर एमआईएस पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण की समीक्षा करते हुए भूमि अनुपलब्धता के कारण प्रभावित योजनाओं पर विशेष चर्चा की गई

बैठक में छोटे और छूटे हुए टोलों में जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण की समीक्षा करते हुए भूमि अनुपलब्धता के कारण प्रभावित योजनाओं पर विशेष चर्चा की गई। सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि जिला प्रशासन के समन्वय से भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए लंबित कार्यों में तत्काल प्रगति लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समीक्षा के दौरान भूमि उपलब्धता से संबंधित केवल एमआईएस पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों को ही मान्य माना जाएगा। उन्होंने सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित किया कि वे बिना विलंब संबंधित आंकड़े एमआईएस पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें।

CGRC की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र में अबतक लगभग 47 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं

केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कक्ष (CGRC) की समीक्षा के दौरान पाया गया कि मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र में अबतक लगभग 47 हजार शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें पेंडिंग मामले महज तीन प्रतिशत हैं। पटना प्रक्षेत्र में 10 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनका पेंडिंग मामले छह प्रतिशत के करीब हैं। इसी तरह, भागलपुर प्रक्षेत्र में 6,823 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जहां पेंडिंग शिकायतें 5.5 प्रतिशत है। वहीं पूर्णिया प्रक्षेत्र में अबतक 7,788 शिकायतें प्राप्त हुई हैं जिसमें पेंडिंग शिकायतों की संख्या मात्र 2.4 प्रतिशत है। इस प्रकार राज्य स्तर पर सीजीआरसी के अंतर्गत कुल लंबित शिकायतों का प्रतिशत वर्तमान में चार प्रतिशत से भी कम है।

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