भारत में कुछ ही देर में दिखने लगेगा सूर्य ग्रहण

नई दिल्ली : साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग चुका है. सूर्य ग्रहण की शुरुआत

दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से आइसलैंड से हो चुकी है. हालांकि

यह ग्रहण भारत में 04 बजकर 29 मिनट से दिखाई देगा.

सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है.

ज्योतिष में ग्रहण को अशुभ घटनाओं में गिना जाता है. इस वजह से ग्रहण के

दौरान शुभ कार्य और पूजा पाठ वर्जित माने जाते हैं. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान

सूर्य पीड़ित हो जाते हैं, जिस कारण सूर्य की शुभता में कमी आ जाती है.

सूर्य ग्रहण का समय (Surya Grahan 2022 Timings In India)

25 अक्टूबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार

अपराह्न 2 बजकर 29 मिनट पर आइसलैंड में शुरू होगा,

जो सायंकाल 6 बजकर 20 मिनट पर अरब सागर में ख़त्म होगा.

भारत में यह सूर्य ग्रहण अपराह्न लगभग 4 बजकर 29 मिनट से

शुरू होकर सायंकाल 6 बजकर 9 मिनट पर खत्म होगा.

भारत में सूर्य ग्रहण: राशियों के जातकों के लिए रहेगा फलदायक

साल 2022 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण वृष राशि, सिंह राशि, धनु राशि

और मकर राशि के जातकों के लिए सुखकारी, फलदायक और लाभ प्रद साबित होगा. उनके लिएनौकरी और व्यापर में लाभ और उन्नति का योग बन रहा है.

भारत में इन जगहों पर दिखेगा सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2022 Visibility In India)

यह आंशिक सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप, उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा. भारत में ग्रहण नई दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, उज्जैन, वाराणसी, मथुरा में दिखाई देगा, यह भी बताया जा रहा है कि पूर्वी भारत को छोड़कर सारे भारत में इस सूर्य ग्रहण को देखा जा सकता है.

सूर्य ग्रहण पर क्या करें और क्या नहीं ( Do’s And Don’t On Surya Grahan)

इस दौरान वृद्ध, गर्भवती स्त्रियां और बालकों को छोड़कर सभी लोगों को सोना, खाना-पीना से बचना चाहिए. गर्भवती स्त्रियों को तो विशेष तौर पर पूरे ग्रहण में एक स्थान पर बैठना चाहिए. साथ ही बैठकर हनुमान चालीसा आदि का पाठ कर सकते हैं. उससे ग्रहण असर उनके ऊपर प्रभावहीन रहेगा.

आसमान में होने वाली इस खगोलीय घटना को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य की किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. सूर्य ग्रहण को टेलीस्कोप से भी नहीं देखना चाहिए. इसे देखने के लिए विशेष रूप से बनाए गए चश्मों का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

ग्रहणकाल के दौरान चाकू, छुरी जैसे तेज किनारों वाली वस्तुओं का प्रयोग ना करें. इस दौरान भोजन और पानी का सेवन करने से भी बचें.

सूर्य ग्रहण का बना है यह दुर्लभ संयोग

ज्योतिष गणना के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण चित्रा नक्षत्र में विष्कुंभ योग और नागकरण में पड़ रहा है. सूर्य ग्रहण ठीक 27 वर्ष पहले 24 अक्टूबर 1995 में इसी नक्षत्र और योग में पड़ा था. अंतर केवल इतना था कि 27 वर्ष पहले सूर्यग्रहण सूर्योदय के समय था जबकि इस बार का यह सूर्य ग्रहण सूर्यास्त के समय समाप्त होगा.

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