झारखंड शिक्षक संघ ने सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता फैसले को चुनौती दी। 35,000 शिक्षक प्रभावित, संघ करेगा पुनर्विचार याचिका दायर और आंदोलन तेज करेगा।
रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश से बड़ा झटका लगा है। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने घोषणा की है कि वह TET (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगा।
रांची के कचहरी स्थित शिक्षा परिसर में संघ की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। संघ के मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यता नियमों से पहले नियुक्त शिक्षकों पर TET को अनिवार्य करना गलत है।
Key Highlights:
सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता फैसले के खिलाफ शिक्षक संघ का विरोध
अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ करेगा Review Petition दायर
संघ ने बैठक कर लिया निर्णय, 35,000 शिक्षक प्रभावित
शिक्षा का अधिकार कानून और NCTE नियमों पर उठाए सवाल
18 सितंबर को प्रधानमंत्री को ज्ञापन, 20 सितंबर को राजभवन मार्च
शिक्षकों ने फैसले को अन्यायपूर्ण बताया
उन्होंने बताया कि इस फैसले से केवल झारखंड के 35,000 शिक्षक ही नहीं बल्कि पूरे देश के लाखों शिक्षक प्रभावित होंगे। यह स्थिति उनकी नौकरी पर खतरा पैदा करती है। संघ ने इसे शिक्षकों के साथ अन्याय बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपनी बात रखने का संकल्प लिया है।
आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की गई है। 18 सितंबर को संघ सभी उपायुक्तों के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा और 20 सितंबर को राजभवन मार्च आयोजित कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यह फैसला शिक्षा व्यवस्था और लाखों परिवारों की आजीविका दोनों पर प्रतिकूल असर डालेगा। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं।
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